

पुरानी Kia Seltos DCT: समझदारी भरी डील या आने वाली परेशानी?
- 1सेकेंड हैंड Seltos DCT में जर्क्स, ज़्यादा गर्म होना और लिम्प मोड आम शिकायतें हैं
- 2मरम्मत खर्च ₹500 की सॉफ्टवेयर कैलिब्रेशन से लेकर ₹1 लाख तक जा सकती है
- 3सर्विस रिकॉर्ड और TCU अपडेट देखकर ही पता चलता है कि कार लेना सही रहेगा या नहीं
जब 2019 में Kia Seltos पहली बार लॉन्च हुई थी, तब इसका टर्बो-पेट्रोल DCT वर्ज़न सुर्खियों में छा गया था। 1.4-लीटर टर्बो इंजन (जिसे मार्च 2023 में 1.5-लीटर टर्बो से अपग्रेड किया गया) और 7-स्पीड ड्यूल-क्लच ट्रांसमिशन का कॉम्बिनेशन इस SUV को तेज़, फ्यूल-एफिशिएंट और अपने सेगमेंट की बाकी गाड़ियों से कहीं ज़्यादा रोमांचक बनाता था। लेकिन पांच साल बाद, जब ये कारें सेकंड-हैंड मार्केट में पहुंच रही हैं, तो खरीदारों के मन में एक परेशान करने वाला सवाल है: क्या इस्तेमाल की हुई Seltos DCT से जुड़ी दिक्कतें एक टिक-टिक करता टाइम बम हैं, या फिर यह आज भी एक समझदारी भरी खरीद है?
सच कई परतों में छुपा है। कुछ मालिक 1 लाख किलोमीटर से भी ज़्यादा चलाने के बाद बिना किसी परेशानी के गाड़ी चला रहे हैं, जबकि कुछ को 30,000–50,000 किलोमीटर के भीतर झटके, ओवरहीटिंग, वार्निंग लाइट्स या महंगे रिपेयर का सामना करना पड़ा है। आइए इन पैटर्न्स को समझते हैं, ताकि आप खुद अपना फैसला कर सकें।

Seltos DCT को लेकर राय बंटी हुई क्यों है?
Seltos में दिया गया 7-स्पीड ड्राई ड्यूल-क्लच ट्रांसमिशन (DCT) कोई पारंपरिक ऑटोमैटिक नहीं है। यह मूल रूप से दो मैनुअल गियरबॉक्स होते हैं, जिनमें ऑटोमेटेड क्लच लगे होते हैं। यह डिज़ाइन गियर शिफ्ट के दौरान तेज़ रिस्पॉन्स देता है, लेकिन सिस्टम को हीट-सेंसिटिव भी बना देता है। भारत के भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक और पहाड़ी इलाकों में, यहीं पर इस्तेमाल की हुई Seltos DCT से जुड़ी सबसे आम समस्याएं सामने आती हैं।
फोरम्स पर मालिकों द्वारा बताई गई दिक्कतें इस प्रकार हैं:
- रेंगते हुए ट्रैफिक में झटके और हिचकिचाहट
- कम रफ़्तार पर जडरिंग या गियर स्किप होना
- लंबे चढ़ाव या बम्पर-टू-बम्पर ट्रैफिक के बाद ओवरहीटिंग वार्निंग
- कुछ दुर्लभ मामलों में लिम्प मोड, जहां ठंडा होने तक कार ठीक से एक्सेलरेट नहीं करती
हालांकि Kia ने सॉफ़्टवेयर और TCU अपडेट जारी किए हैं ताकि ड्राइविंग स्मूद हो सके, लेकिन सेकंड-हैंड मार्केट में मौजूद हर कार को ये अपडेट मिले हों, यह ज़रूरी नहीं है।
इसके अलावा, असलियत यह है कि Kia-Hyundai का 7-स्पीड DCT एक ड्राई-क्लच सिस्टम है। वेट-क्लच ट्रांसमिशन की तुलना में Seltos का DCT थर्मल रूप से कम ऑप्टिमाइज़्ड है, इसलिए शहर के रेंगते ट्रैफिक में इसे ज़्यादा घिसावट झेलनी पड़ती है।
रिप्लेसमेंट और रिपेयर खर्च: जब छोटी मरम्मत बन जाए बड़ा बिल
कागज़ पर देखा जाए तो DCT की मरम्मत हमेशा महंगी नहीं होती। मामूली कैलिब्रेशन या सॉफ़्टवेयर रीसेट ₹500–₹2,000 में हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, क्लच एक्ट्यूएटर की सफाई या रिपेयर लगभग ₹4,000–₹5,000 में हो जाती है। लेकिन जैसे ही बड़े रिपेयर की बात आती है, खर्च तेज़ी से बढ़ सकता है। कई मामलों में Kia Seltos DCT के पूरे क्लच पैक को बदलने का खर्च (लेबर सहित) ₹40,000 से ₹60,000 तक बताया गया है। वहीं, पूरा TCU (ट्रांसमिशन कंट्रोल यूनिट) बदलने की ज़रूरत पड़े तो खर्च आसानी से ₹1 लाख से भी ऊपर जा सकता है।
इसी वजह से इस्तेमाल की हुई कार खरीदने वाले सतर्क रहते हैं। ₹2–3 लाख की डिप्रिसिएशन बचत आकर्षक लगती है, लेकिन गियरबॉक्स की एक बड़ी खराबी इस बचत का आधा हिस्सा खा सकती है।
क्या सभी मॉडल ईयर एक जैसे जोखिम भरे हैं?
ऐसा नहीं है। 2019 से 2021 के शुरुआती मॉडल्स में इस्तेमाल की हुई Seltos DCT से जुड़ी समस्याएं ज़्यादा देखने को मिली हैं, जबकि कई मालिकों का कहना है कि 2022 और उसके बाद के फेसलिफ्ट मॉडल्स में भरोसेमंदपन बेहतर हुआ है। इसकी वजह बेहतर हार्डवेयर और कैलिब्रेशन में किए गए बदलाव माने जाते हैं, जिनसे Kia Seltos की आम समस्याएं कम हुई हैं।
हालांकि, यह किसी निर्माता द्वारा आधिकारिक तौर पर पुष्टि किया गया समाधान नहीं है, बल्कि यूज़र कम्युनिटी की राय है। इसलिए खरीदार के तौर पर आपको सर्विस रिकॉर्ड ज़रूर जांचना चाहिए कि अपडेट्स लागू किए गए हैं या नहीं।
खरीदने से पहले परेशानी कैसे पहचानें
सिर्फ ब्लॉक के चक्कर लगाकर टेस्ट ड्राइव न करें। इस्तेमाल की हुई Seltos DCT की समस्याएं जांचने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:
- कोल्ड स्टार्ट टेस्ट: स्टार्ट के तुरंत बाद चलाते समय झटके अक्सर शुरुआती एक्ट्यूएटर वियर का संकेत होते हैं
- 20-मिनट ट्रैफिक सिमुलेशन: ओवरहीटिंग और जडरिंग अक्सर गियरबॉक्स के गर्म होने के बाद ही दिखती है
- वार्निंग लाइट्स: ट्रांसमिशन से जुड़ी लाइट या लिम्प बिहेवियर डील ब्रेकर होना चाहिए
- स्कैन हिस्ट्री: डायग्नोस्टिक रिपोर्ट मांगें या कम से कम क्लच/एक्ट्यूएटर से जुड़े इनवॉइस देखें
- सर्विस रिकॉर्ड: जिन कारों में TCU अपडेट और समय पर सर्विस हुई है, वे ज़्यादा बेहतर रहती हैं
अगर सेलर कागज़ात दिखाने में हिचकिचाता है, तो या तो सौदा छोड़ दें या फिर ज़ोरदार नेगोशिएशन करें।
यूज़्ड मार्केट में नेगोशिएशन का फायदा कैसे उठाएं
समझदार खरीदार इस जोखिम को अपने पक्ष में ऐसे इस्तेमाल करते हैं:
- टेस्ट ड्राइव में झटके: आने वाले क्लच वर्क का हवाला देकर ₹40,000–₹50,000 तक कम कराएं
- TCU अपडेट का रिकॉर्ड न हो: ऑफ़र में ₹20,000–₹30,000 का रिस्क फैक्टर जोड़ें
- ज़्यादा माइलेज (70,000+ किलोमीटर): भारी डिस्काउंट के बिना ऐसी यूनिट्स में DCT समस्या की संभावना ज़्यादा होती है
दूसरी ओर, पूरी सर्विस हिस्ट्री, हालिया क्लच वर्क और साफ डायग्नोस्टिक्स वाली कार असल में एक बढ़िया डील हो सकती है। यहीं पर Cars24 जैसे प्लेटफॉर्म मदद करते हैं, जहां लिस्टिंग्स प्री-इंस्पेक्शन से गुजरती हैं और आप छुपी हुई गियरबॉक्स समस्याओं पर दांव नहीं लगाते।
किस तरह के खरीदार के लिए कौन-सा Kia Seltos वेरिएंट सही है
- सिर्फ शहर में चलाने वाले, जो साल में 10,000 किलोमीटर से कम चलाते हैं: IVT (CVT) या टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक जैसे विकल्प बेहतर रहते हैं, क्योंकि वे कम सेंसिटिव होते हैं
- हाईवे-फोकस्ड ड्राइवर्स: अगर आपको साफ-सुथरी यूनिट मिल जाए, तो DCT की तेज़ शिफ्टिंग एक्सप्रेसवे पर ड्राइव को मज़ेदार बना देती है
- बजट-फोकस्ड खरीदार: अगर आप डिप्रिसिएशन बचाना चाहते हैं लेकिन ओनरशिप कॉस्ट में सरप्राइज़ नहीं चाहते, तो यूज़्ड मार्केट में नॉन-DCT ट्रिम्स देखें
परफॉर्मेंस पसंद करने वाले एन्थूज़ियास्ट्स के लिए, अच्छी तरह मेंटेन की गई DCT आज भी एक बढ़िया डील हो सकती है। बस आंख बंद करके न खरीदें।
सारांश
Seltos DCT एक क्लासिक डबल-एज्ड स्वॉर्ड है। यह दमदार परफॉर्मेंस और एफिशिएंसी देती है, लेकिन इस्तेमाल की हुई Seltos DCT से जुड़ी समस्याएं—जैसे ओवरहीटिंग, झटके और महंगे क्लच या एक्ट्यूएटर रिपेयर—कभी भी सामने आ सकती हैं। सर्विस हिस्ट्री और अपडेट्स जाने बिना इसे खरीदना एक जुआ है। कुछ के लिए यह टाइम बम है, जबकि जिनके हाथ साफ यूनिट लग जाती है, उनके लिए यह बजट में मिलने वाली एक अंडरप्राइस्ड टर्बो SUV है जो ड्राइविंग का मज़ा देती है।
अगर आप गियरबॉक्स के जोखिम समझने की झंझट में नहीं पड़ना चाहते, तो Cars24 पर उपलब्ध इस्तेमाल की हुई Kia Seltos गाड़ियां देखें। हर कार सैकड़ों चेकपॉइंट्स पर इंस्पेक्ट की जाती है और वारंटी विकल्पों के साथ आती है, ताकि आप बिना गियरबॉक्स की चिंता के ड्राइव का आनंद ले सकें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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