Cars24
Ad
Understanding Car Warranties in India
Understanding Car Warranties in India

भारत में Used Car Warranty की पूरी जानकारी: कवरेज, नियम और गाइड

27 Jan 2026
Key highlights
  • 1
    कार वारंटी की बारीकियों और उसमें क्या-क्या कवर होता है, इसे अच्छी तरह समझें
  • 2
    मैन्युफैक्चरर और थर्ड-पार्टी सहित अलग-अलग कार वारंटी विकल्पों को जानें
  • 3
    सेकेंड हैंड कार वारंटी की जांच करते वक्त छुपे हुए चार्ज समझना ज़रूरी है
आउटलाइन

कार खरीदते समय, चाहे वह नई हो या पुरानी, कई अहम बातों पर ध्यान देना ज़रूरी होता है। इनमें से सबसे ज़रूरी पहलुओं में से एक है वाहन वारंटी। नई कारों के साथ हमेशा निर्माता की वारंटी मिलती है, लेकिन पुरानी कारों के मामले में ऐसा ज़रूरी नहीं होता। अगर आप किसी लोकल डीलर से या सीधे किसी व्यक्ति से कार खरीद रहे हैं, तो हो सकता है कि आपको इस्तेमाल की हुई कार पर कोई वारंटी न मिले।

 

हालांकि, अपनी मानसिक शांति के लिए ऐसी कार चुनना समझदारी होती है जो वारंटी के साथ आती हो, क्योंकि इससे भविष्य में आने वाले भारी मेंटेनेंस खर्च या महंगे रिपेयर बिल से बचा जा सकता है। इसके अलावा, अगर आपकी इस्तेमाल की हुई कार किसी मौजूदा वारंटी के अंतर्गत नहीं आती है, तो आप थर्ड पार्टी वारंटी प्रोवाइडर का विकल्प भी चुन सकते हैं।

 

कार वारंटी क्या होती है

 

कार वारंटी एक तरह की गारंटी होती है, जो विक्रेता, डीलर, निर्माता या किसी थर्ड पार्टी प्रोवाइडर द्वारा दी जाती है। यह वारंटी एक तय समय अवधि या तय किलोमीटर तक कुछ खास रिपेयर या पार्ट रिप्लेसमेंट के खर्च को कवर करती है।

 

भारत में नई कारें आमतौर पर 3 से 5 साल या 1,00,000 किलोमीटर (जो पहले पूरा हो) की वारंटी के साथ आती हैं। वहीं, पुरानी कारों पर हमेशा वारंटी लागू हो, यह ज़रूरी नहीं है। जहां नई कार की वारंटी उसकी खरीद कीमत में शामिल होती है, वहीं इस्तेमाल की हुई कार की वारंटी ज़्यादा जटिल होती है, क्योंकि यह कार की उम्र, अब तक चली गई किलोमीटर और अन्य कई कारकों पर निर्भर करती है।

 

कार वारंटी क्यों ज़रूरी है?

 

नई कारों के मामले में, वारंटी खरीदार को मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट से बचाती है। ऐसे डिफेक्ट बहुत आम नहीं होते, लेकिन फिर भी खरीदार की सुरक्षा के लिए वारंटी बेहद ज़रूरी होती है। अगर कार का कोई अहम पार्ट खराब हो जाता है, तो वारंटी के तहत उसकी मरम्मत या रिप्लेसमेंट बिना किसी अतिरिक्त खर्च के किया जाता है, जिससे ओनरशिप कॉस्ट नहीं बढ़ती।

 

लेकिन इस्तेमाल की हुई कारों के मामले में वारंटी की ज़रूरत कहीं ज़्यादा गंभीर हो जाती है। जब आप किसी डीलर या सीधे किसी सेलर से पुरानी कार खरीदते हैं, तो कार की असली हालत या उसके पार्ट्स की बची हुई लाइफ का सही अंदाज़ा लगाना आसान नहीं होता। कई बार इस्तेमाल की हुई कारें फ्रॉड करने वाले सेलर्स या स्कैमर्स से भी आती हैं, जो ओरिजिनल पार्ट्स को सस्ते नकली पार्ट्स से बदल देते हैं या ओडोमीटर को पीछे घुमा कर माइलेज कम दिखाते हैं।

 

कुछ सेलर्स ज़्यादा रीसेल वैल्यू पाने के लिए फर्जी हिस्ट्री या सर्विसिंग रिपोर्ट भी दिखाते हैं। ऐसे धोखों से बचने और ज़्यादा शुरुआती खर्च या भारी रिपेयर बिल से खुद को सुरक्षित रखने के लिए, वारंटी के साथ आने वाली इस्तेमाल की हुई कार खरीदना एक अच्छा फैसला हो सकता है।

 

इसके अलावा, आप Cars24 की CarTruth प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन (PDI) सर्विस भी चुन सकते हैं, जिससे आपको कार की असली स्थिति और वैल्यू की साफ जानकारी मिलती है। 300-पॉइंट की व्यापक जांच के ज़रिये, जो सभी बड़े मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स को कवर करती है, CarTruth PDI कार की लीगल, फाइनेंशियल और एक्सीडेंट हिस्ट्री के साथ-साथ ओनरशिप रिकॉर्ड की भी पुष्टि करती है। 2015 से अब तक 1 करोड़ से ज़्यादा चेक के अनुभव के साथ, Cars24 की CarTruth PDI सर्विस पारदर्शी डिजिटल रिपोर्ट के साथ एक भरोसेमंद प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन अनुभव देती है, जिससे आप सही फैसला ले सकें।

 

नई कार और इस्तेमाल की हुई कार की वारंटी में अंतर

 

नई कार की वारंटी आमतौर पर काफी व्यापक होती है और वाहन के लगभग सभी कंपोनेंट्स को कवर करती है। चाहे वह विंडशील्ड वाइपर मोटर जैसा छोटा पार्ट हो या ट्रांसमिशन जैसा बड़ा और अहम हिस्सा — अगर उसमें कोई खराबी पाई जाती है, तो नई कार की वारंटी के तहत वह कवर होता है।

 

वहीं, इस्तेमाल की हुई कार की वारंटी इतनी व्यापक नहीं होती। यह आमतौर पर केवल इंजन, ट्रांसमिशन या अन्य प्रमुख मैकेनिकल पार्ट्स को ही कवर करती है। यूज़्ड कार वारंटी अक्सर कार की उम्र, माइलेज, बिक्री का प्रकार (जैसे प्राइवेट सेलर या डीलर से खरीद) आदि पर आधारित होती है और ज़्यादातर मामलों में रेगुलर वियर एंड टियर वाले पार्ट्स को कवर नहीं करती।

 

कार वारंटी के प्रकार

 

आज के समय में कार के नए या पुराने होने के आधार पर अलग-अलग तरह की वारंटी उपलब्ध होती हैं। जहां नई कारों की वारंटी ज़्यादातर मामलों में व्यापक होती है, वहीं इस्तेमाल की हुई कारों की वारंटी में कई तरह के विकल्प देखने को मिलते हैं।

 

निर्माता की वारंटी

 

निर्माता की वारंटी आमतौर पर नई कार खरीदने पर दी जाती है। कुछ मामलों में, जहां निर्माता के अपने सेकंड हैंड कार डीलरशिप होते हैं या रिफर्बिश्ड इस्तेमाल की हुई कारें बेची जाती हैं, वहां यूज़्ड कार पर भी यह वारंटी मिल सकती है, हालांकि ऐसा कम ही होता है।

 

निर्माता की वारंटी कार के लगभग सभी कंपोनेंट्स को कवर करती है — चाहे वह मैकेनिकल हों, इलेक्ट्रॉनिक हों या छोटे पार्ट्स — अगर उनमें कोई खराबी पाई जाती है, तो उनकी मरम्मत या रिप्लेसमेंट की जाती है। निर्माता के आधार पर, यह वारंटी आमतौर पर 5 साल या 1,00,000 किलोमीटर तक लागू होती है, जो पहले पूरा हो।

 

एक्सटेंडेड वारंटी

 

एक्सटेंडेड वारंटी का विकल्प नई और इस्तेमाल की हुई दोनों तरह की कारों के साथ मिल सकता है। इसका मकसद वारंटी की समय सीमा या किलोमीटर रेंज को बढ़ाना होता है। हालांकि, ये पॉलिसी निर्माता की वारंटी जितनी सीधी या व्यापक नहीं होतीं। इसलिए नई और पुरानी दोनों कारों के मामले में एक्सटेंडेड वारंटी की शर्तों को ध्यान से पढ़ना ज़रूरी होता है, ताकि फाइन प्रिंट की पूरी जानकारी मिल सके।

 

भले ही एक्सटेंडेड वारंटी की कवरेज सीमित हो, फिर भी यह एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है, क्योंकि यह लंबे समय में आने वाले महंगे रिपेयर खर्च से बचाव करती है और मानसिक शांति देती है। नई या पुरानी किसी भी कार के लिए, अगर एक्सटेंडेड वारंटी का विकल्प मिले, तो वह शुरुआत में भले ही अतिरिक्त खर्च लगे, लेकिन लंबे समय में यह आपकी जेब को भारी नुकसान से बचा सकती है।

 

जहां एक्सटेंडेड वारंटी को लंबे समय तक नई कारों से जोड़ा जाता रहा है, वहीं Cars24 जैसे प्लेटफॉर्म इस्तेमाल की हुई कारों के लिए भी मामूली कीमत पर एक्सटेंडेड लाइफटाइम वारंटी का विकल्प देते हैं। यह अनोखी लाइफटाइम वारंटी आपकी यूज़्ड कार को लंबे समय तक अच्छी कंडीशन में बनाए रखने में मदद करती है और अचानक आने वाले रिपेयर खर्च से आपकी जेब को सुरक्षित रखती है।

 

सर्टिफाइड प्री-ओन्ड (CPO) वारंटी

 

जो डीलरशिप या निर्माता सर्टिफाइड यूज़्ड कारें बेचते हैं, उनके साथ आमतौर पर CPO वारंटी मिलती है। भले ही यह निर्माता की वारंटी जितनी व्यापक न हो, लेकिन फिर भी CPO वारंटी यह सुनिश्चित करने का अच्छा तरीका है कि आपकी खरीदी हुई यूज़्ड कार भविष्य में आपको आर्थिक परेशानी न दे।

 

अधिकांश स्पेशलाइज़्ड डीलरशिप की CPO वारंटी सीमित समय या तय किलोमीटर तक ही होती है, लेकिन यह आमतौर पर इंजन, ट्रांसमिशन और ड्राइवट्रेन से जुड़ी मरम्मत को कवर करती है।

 

थर्ड पार्टी वारंटी

 

थर्ड पार्टी वारंटी न तो निर्माता द्वारा दी जाती है और न ही डीलर द्वारा। यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है, जो ऐसी इस्तेमाल की हुई कार खरीदना चाहते हैं, जिस पर निर्माता या डीलर की वारंटी मौजूद नहीं है। हालांकि, इस सेगमेंट में कई धोखाधड़ी के मामले भी सामने आए हैं। इसलिए किसी भी थर्ड पार्टी वारंटी प्रोवाइडर को चुनने से पहले उसके भरोसे, क्लेम सेटलमेंट और ग्राहक अनुभव के बारे में अच्छी तरह रिसर्च करना बेहद ज़रूरी है।

 

इस्तेमाल की हुई कार की वारंटी में समझने योग्य ज़रूरी शब्द

 

Key Terms to Understand in a Used Car Warranty

 

इस्तेमाल की हुई कार की वारंटी से जुड़े कई ऐसे पहलू होते हैं, जिन्हें समझना ज़रूरी है ताकि आप सही फैसला ले सकें। इन शर्तों का मतलब और भविष्य में आप पर इनका असर समझना, सही यूज़्ड कार चुनने में मदद करता है। आइए इन शब्दों को विस्तार से समझते हैं:

 

कवरेज अवधि

 

कवरेज अवधि वह समय या किलोमीटर होती है, जिसके दौरान वारंटी मान्य रहती है। इस अवधि या किलोमीटर सीमा के भीतर होने वाले रिपेयर या रिप्लेसमेंट का खर्च वारंटी प्रोवाइडर उठाता है।

 

एक बार जब वारंटी की कवरेज अवधि समाप्त हो जाती है, तो रिपेयर का पूरा खर्च आपको खुद उठाना पड़ता है। हालांकि, कुछ वारंटी प्रोवाइडर वारंटी खत्म होने से पहले अतिरिक्त शुल्क पर उसे बढ़ाने का विकल्प भी देते हैं। अगर नई कवरेज की कीमत उचित हो, तो एक्सटेंडेड वारंटी चुनना एक अच्छा फैसला हो सकता है।

 

शामिल की गई चीज़ें

 

जहां नई कार की वारंटी आमतौर पर किसी भी मैन्युफैक्चरिंग खामी के रिपेयर को कवर करती है, वहीं इस्तेमाल की हुई कार की वारंटी इतनी व्यापक नहीं होती। इसलिए यह समझना ज़रूरी है कि आपकी वारंटी किन-किन रिपेयर को कवर करती है, और यह जानकारी आमतौर पर ‘इन्क्लूज़न’ सेक्शन में दी जाती है।

 

एक सामान्य यूज़्ड कार वारंटी आमतौर पर इंजन और ट्रांसमिशन जैसे अहम पार्ट्स को कवर करती है। इसके अलावा, कुछ वारंटी में रोडसाइड असिस्टेंस, टोइंग सर्विस जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी शामिल हो सकती हैं।

 

बाहर रखी गई चीज़ें

 

जैसे यह जानना ज़रूरी है कि वारंटी में क्या शामिल है, वैसे ही यह समझना भी ज़रूरी है कि उसमें क्या शामिल नहीं है, जिसे ‘एक्सक्लूज़न’ कहा जाता है। जिन पार्ट्स में सामान्य वियर एंड टियर होता है, जैसे टायर, बैटरी, ब्रेक, क्लच आदि, वे अक्सर एक्सक्लूज़न लिस्ट में होते हैं। पहले से इनकी जानकारी होने से आप भविष्य में आने वाले कुछ खर्चों के लिए तैयार रह सकते हैं।

 

डिडक्टिबल

 

कुछ वारंटी में डिडक्टिबल शामिल होता है, यानी वह राशि जो आपको अपनी जेब से देनी होती है। क्लेम करते समय यह रकम घटा ली जाती है और यह हर विज़िट या हर रिपेयर पर लागू हो सकती है, जो आपकी पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करता है। डिडक्टिबल को समझना आपको भविष्य में क्लेम से जुड़े बेहतर फैसले लेने में मदद करता है।

 

क्लेम लिमिट

 

अक्सर वारंटी में यह तय होता है कि उसकी पूरी अवधि में अधिकतम कितना क्लेम किया जा सकता है। यह सीमा प्रति रिपेयर या कुल क्लेम राशि के रूप में तय हो सकती है। इन लिमिट्स को समझना ज़रूरी है ताकि आप अनजाने में इन्हें पार न कर दें।

 

इस्तेमाल की हुई कार की वारंटी की समीक्षा करते समय ध्यान देने योग्य बातें

 

Factors to Consider When Reviewing a Used Car Warranty

 

जब आप किसी ऐसी कार को खरीद रहे हों जो वारंटी के साथ आती हो, तो नीचे दिए गए बिंदुओं पर ध्यान देना ज़रूरी है। हर वारंटी इन सभी पहलुओं को कवर करे, यह ज़रूरी नहीं है। इसलिए सही यूज़्ड कार चुनना इस बात पर निर्भर करता है कि आप कहां समझौता करने को तैयार हैं।

 

वाहन की उम्र और माइलेज

 

ज़्यादा पुरानी और ज़्यादा माइलेज वाली कारें कुछ खास तरह की वारंटी के लिए पात्र नहीं होतीं। नई या कम किलोमीटर चली कारों पर आमतौर पर बेहतर वारंटी मिलती है। जिन कारों का ओडोमीटर रीडिंग ज़्यादा होता है, उनमें कवरेज कम या कवर किए जाने वाले पार्ट्स सीमित हो सकते हैं।

 

ट्रांसफरेबिलिटी

 

अगर आप भविष्य में खरीदी गई यूज़्ड कार को दोबारा बेचने का सोच रहे हैं, तो यह देखना फायदेमंद होता है कि उसकी वारंटी ट्रांसफर की जा सकती है या नहीं। ट्रांसफरेबल वारंटी कार की वैल्यू बनाए रखने में मदद करती है और रीसेल के समय बेहतर डील दिला सकती है।

 

रिपेयर लोकेशन की शर्तें

 

अक्सर वारंटी केवल कुछ तय जगहों पर ही क्लेम की जा सकती है, जैसे ऑथराइज़्ड सर्विस सेंटर या उनसे जुड़े लोकल गैरेज। यह जानना ज़रूरी है कि आप कहां वारंटी क्लेम कर सकते हैं, ताकि टोइंग जैसे अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके।

अगर आपकी वारंटी में टोइंग और ट्रांसपोर्टेशन शामिल हो, तब भी पास में गैरेज होना कार को जल्दी दोबारा चलने लायक बना सकता है और आपका समय बचाता है।

 

सर्विस और मेंटेनेंस से जुड़ी शर्तें

 

कुछ वारंटी में यह शर्त होती है कि वाहन की तय समय पर सर्विस और मेंटेनेंस कराई जाए। अगर वारंटी पॉलिसी में यह साफ लिखा हो, तो इन मेंटेनेंस कामों को समय पर करवाना और उनका रिकॉर्ड रखना ज़रूरी होता है, ताकि आप क्लेम के लिए पात्र बने रहें।

इन मेंटेनेंस गतिविधियों में नियमित ऑयल चेंज, ब्रेक पैड रिप्लेसमेंट या टायर रोटेशन जैसी चीज़ें शामिल हो सकती हैं।

 

सही वारंटी प्रोवाइडर चुनने के लिए टिप्स

 

Tips for Choosing the Right Warranty Provider

 

अक्सर वारंटी डीलरशिप से ही मिलती है और वहां एक्सटेंडेड वारंटी ही एकमात्र विकल्प होता है। लेकिन थर्ड पार्टी प्रोवाइडर के मामले में आपके पास चुनने के विकल्प होते हैं। सही वारंटी प्रोवाइडर चुनने के लिए नीचे दिए गए बिंदु बेहद ज़रूरी हैं:

 

वारंटी प्रोवाइडर की साख की जांच करें

 

वारंटी प्रोवाइडर की विश्वसनीयता और कस्टमर सर्विस की गुणवत्ता जानने के लिए उसके रिव्यू और रेटिंग देखें। आप ऑनलाइन फोरम्स पर लोगों के व्यक्तिगत अनुभव भी पढ़ सकते हैं। मौजूदा ग्राहकों से बात करके यह समझा जा सकता है कि क्लेम प्रोसेस कितना आसान या मुश्किल था और क्या वाकई पॉलिसी में शामिल सभी चीज़ें कवर की गईं।

 

पॉलिसी को ध्यान से पढ़ें और छुपे हुए शुल्क समझें

 

कुछ वारंटी प्रोवाइडर फाइन प्रिंट में अतिरिक्त खर्च छुपाने की कोशिश करते हैं। इनमें अतिरिक्त डिडक्टिबल या क्लेम से जुड़ी अतिरिक्त शर्तें शामिल हो सकती हैं। कोई भी फैसला लेने से पहले पॉलिसी को पूरी तरह जांचना बेहद ज़रूरी है।

 

खरीदारों के लिए टिप्स: अपनी वारंटी का पूरा फायदा कैसे उठाएं

 

अच्छी वारंटी आपको मानसिक शांति देती है, लेकिन कुछ अच्छी आदतें अपनाकर आप अपनी पॉलिसी से और भी ज़्यादा फायदा उठा सकते हैं।

 

अपनी कवरेज को अच्छी तरह समझें

 

अपनी वारंटी पॉलिसी को ध्यान से पढ़ें और यह समझें कि उसमें क्या कवर है और क्या नहीं। अगर आपकी पॉलिसी में क्लेम लिमिट तय है, तो छोटे-मोटे रिपेयर अपने खर्च पर करवाना बेहतर हो सकता है। इससे आप बड़े रिपेयर के लिए वारंटी का इस्तेमाल कर पाएंगे और क्लेम के समय किसी तरह का सरप्राइज़ नहीं होगा।

 

अपनी कार को अच्छी स्थिति में रखें

 

वारंटी होना अच्छी बात है, लेकिन नियमित मेंटेनेंस को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए। जिन कारों का सर्विस रिकॉर्ड अच्छी तरह दर्ज होता है, उनमें क्लेम प्रोसेस भी आसान रहता है, क्योंकि वारंटी प्रोवाइडर को यह भरोसा रहता है कि आपने कार की देखभाल ठीक से की है।

 

कार पर किए गए सभी रिपेयर का रिकॉर्ड रखें

 

कार पर किए गए सभी सर्विस और मेंटेनेंस कामों का पूरा रिकॉर्ड रखें, चाहे वह वारंटी क्लेम के तहत हुआ हो या आपकी निजी खर्च से। इससे भविष्य में वारंटी क्लेम करते समय किसी तरह की परेशानी नहीं आती।

 

इस्तेमाल की हुई कारों पर एक्सटेंडेड वारंटी के फायदे और नुकसान

 

Pros and Cons of Extended Warranties on Used Cars

 

एक्सटेंडेड वारंटी के अपने फायदे और नुकसान होते हैं, जिन्हें शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों नजरिए से समझना ज़रूरी है।

 

फायदे:

 

  • मानसिक शांति: एक्सटेंडेड वारंटी अचानक होने वाले रिपेयर को कवर करके आपको निश्चिंत रखती है।
  • कम रिपेयर खर्च: वारंटी होने से बड़े रिपेयर का खर्च कवर हो जाता है, जिससे काफी पैसा बच सकता है।
  • बेहतर रीसेल वैल्यू: ट्रांसफरेबल एक्सटेंडेड वारंटी आपकी यूज़्ड कार को खरीदारों के लिए ज़्यादा आकर्षक बनाती है।

 

नुकसान:

 

  • अतिरिक्त खर्च: एक्सटेंडेड वारंटी के लिए पहले से पैसे देने पड़ते हैं और हर कार के मामले में यह हमेशा फायदे का सौदा नहीं होती।
  • सीमित कवरेज: कुछ एक्सटेंडेड वारंटी में कई एक्सक्लूज़न होते हैं, इसलिए यह समझना ज़रूरी है कि क्या कवर है।
  • फाइन प्रिंट की शर्तें: क्लेम करते समय परेशानी से बचने के लिए फाइन प्रिंट ज़रूर पढ़ें।

 

इस्तेमाल की हुई कार की वारंटी में दिखने वाले रेड फ्लैग्स

 

Red Flags to Watch Out For in Used Car Warranties

 

वारंटी प्रोवाइडर चुनते समय कुछ गलत प्रैक्टिस से सावधान रहना ज़रूरी है, ताकि आप किसी स्कैम का शिकार न बनें।

 

  • बहुत ज़्यादा एक्सक्लूज़न: अगर वारंटी बहुत सारे पार्ट्स या रिपेयर को बाहर रखती है, तो आपकी सुरक्षा सीमित रह जाती है।
  • अवास्तविक मेंटेनेंस शर्तें: अगर वारंटी बहुत ज़्यादा बार और महंगे मेंटेनेंस की मांग करती है, तो वह फायदे की नहीं होती।
  • जटिल क्लेम प्रोसेस: बहुत पेचीदा क्लेम प्रक्रिया परेशान कर सकती है। ऐसी वारंटी चुनें, जिसमें क्लेम करना आसान और साफ हो।

 

Cars24: बेजोड़ कवरेज और भरोसे के साथ यूज़्ड कार वारंटी में अग्रणी

 

इस्तेमाल की हुई कार की वारंटी, खरीद के बाद के अनुभव को परेशानी मुक्त बनाने में अहम भूमिका निभाती है। इसी वजह से Cars24 ने यूज़्ड कार वारंटी को एक नया मुकाम दिया है — इंडस्ट्री की अग्रणी 30-दिन की रिपेयर एश्योरेंस, स्टैंडर्ड 12-महीने की वारंटी और दुनिया की पहली वैकल्पिक लाइफटाइम वारंटी के साथ, जो सभी इन्वेंट्री में लिस्टेड यूज़्ड कारों पर उपलब्ध है।

 

30-दिन की रिपेयर एश्योरेंस

 

  • खरीद के बाद 30 दिन या 1,500 किलोमीटर तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के रिपेयर एश्योरेंस
  • प्रमुख मैकेनिकल सिस्टम (इंजन, ट्रांसमिशन, कूलिंग और एसी, इलेक्ट्रिकल, फ्यूल सिस्टम) के साथ-साथ छोटे वियर एंड टियर कंपोनेंट्स (ब्रेक, क्लच, सस्पेंशन, टायर) भी कवर
  • पहले 30 दिनों में अनलिमिटेड रिपेयर, बिना किसी छुपे चार्ज, बिना डिडक्टिबल और क्लेम की कोई सीमा नहीं

 

12-महीने की एक्सटेंडेड वारंटी

 

  • सभी इन्वेंट्री में लिस्टेड यूज़्ड कारों के लिए 12 महीने की एक्सटेंडेड वारंटी
  • इंजन असेंबली, ट्रांसमिशन, गियरबॉक्स और ड्राइवट्रेन कवर

     

लाइफटाइम वारंटी

 

  • दुनिया की पहली और एकमात्र लाइफटाइम वारंटी प्लान, जो अहम कंपोनेंट्स को लंबे समय तक सुरक्षा देता है (नाममात्र शुल्क पर)
  • दुनिया का सबसे लंबा प्रोटेक्शन प्लान, जो रजिस्ट्रेशन की तारीख से 12 साल या 1,50,000 किलोमीटर (जो पहले पूरा हो) तक मान्य
  • इंजन असेंबली, ट्रांसमिशन और ड्राइवट्रेन कंपोनेंट्स की कवरेज
  • भारत भर में Cars24-सर्टिफाइड वर्कशॉप पर कैशलेस रिपेयर, OEM या समकक्ष पार्ट्स के साथ

     

निष्कर्ष

 

चाहे आप नई कार खरीद रहे हों या इस्तेमाल की हुई, वारंटी से जुड़े हर पहलू को समझना सही फैसला लेने के लिए बेहद ज़रूरी है। सही प्रकार की वारंटी चुनकर, ज़रूरी शर्तों को समझकर और भरोसेमंद वारंटी प्रोवाइडर का चयन करके आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपकी कार सुरक्षित रहे और हर सफर में आपको पूरी मानसिक शांति मिले।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सभी को बड़ा करें
एक्सटेंडेड वारंटी क्या होती है?
क्या Extended Car Warranty लेना वाकई फायदेमंद है?
क्या इस्तेमाल की गई (Used) कार पर वारंटी मिल सकती है?
Used Car Warranty में क्या-क्या कवर होता है?
Used Car Warranty कैसे काम करती है?
क्या मुझे Used Car खरीदते समय वारंटी लेनी चाहिए?
क्या मैं अपनी Car Warranty कहीं भी इस्तेमाल कर सकता हूँ?
Ad
How to Renew RC After Expiry Online
कार नॉलेज
कार की RC की वैधता समाप्त होने पर नवीकरण कैसे करवायें? जानें पूरी प्रक्रिया
Pratik Sarin
Pratik Sarin
18 Mar 2026
1 मिनट में पढ़ें
Road Tax in Haryana
कार नॉलेज
हरियाणा में गाड़ी खरीदने पर रोड टैक्स कितना है? जानिए शुल्क, प्रक्रिया और ज़रूरी दस्तावेज़
Pratik Sarin
Pratik Sarin
17 Mar 2026
1 मिनट में पढ़ें
Ad
road tax in madhya pradesh
कार नॉलेज
मध्यप्रदेश में रोड टैक्स 2026 – जानिए गणना, भुगतान का तरीका एवं सम्पूर्ण जानकारी
Pratik Sarin
Pratik Sarin
16 Mar 2026
1 मिनट में पढ़ें
Small Cars in India
कार नॉलेज
2025 की टॉप 10 छोटी कारें – नई कीमतें, माइलेज और फीचर्स के साथ पूरी लिस्ट
Pratik Sarin
Pratik Sarin
16 Mar 2026
4 मिनट में पढ़ें
complain against incorrect traffic challan
नियम और कानून
गलती से जारी किए गए ट्रैफिक चालान के खिलाफ शिकायत कैसे दर्ज करें
Pratik Sarin
Pratik Sarin
16 Mar 2026
1 मिनट में पढ़ें
cng kit price in india
कार नॉलेज
2026 में CNG किट की कीमतें – भारत में बेहतरीन कन्वर्जन किट ब्रांड्स और फीचर्स की सूची
Pratik Sarin
Pratik Sarin
16 Mar 2026
1 मिनट में पढ़ें
BH Number Plate_ Bharat Series Number Plate Registration
कार नॉलेज
BH नंबर प्लेट - भारत सीरिज नंबर प्लेट की आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, दस्तावेज व सम्पूर्ण जानकारी
Pratik Sarin
Pratik Sarin
16 Mar 2026
1 मिनट में पढ़ें
How To Transfer Vehicle Registration From One State To Another with Cost
कार नॉलेज
एक राज्य से दूसरे राज्य में गाड़ी का पंजीकरण स्थानांतरण कैसे करें: जानें पूरी प्रक्रिया
Pratik Sarin
Pratik Sarin
11 Mar 2026
1 मिनट में पढ़ें
Cheapest Cars In India in 2025
कार नॉलेज
ये हैं 2026 की 15 सबसे सस्ती कारें
Pratik Sarin
Pratik Sarin
06 Mar 2026
4 मिनट में पढ़ें
tata nexon tyre specifications
कार नॉलेज
Tata Nexon के टायर साइज, कीमत और सही Tyre Pressure की पूरी जानकारी
Pratik Sarin
Pratik Sarin
24 Feb 2026
1 मिनट में पढ़ें
Road Tax in Haryana
1 मिनट में पढ़ें
1
हरियाणा में गाड़ी खरीदने पर रोड टैक्स कितना है? जानिए शुल्क, प्रक्रिया और ज़रूरी दस्तावेज़
17 Mar 2026
Pratik Sarin
Pratik Sarin
CARS24’s Pre‑Delivery Inspection
1 मिनट में पढ़ें
2
कार के Windshield और Side Glass कैसे चेक करें? Inspection Steps और Glass ID गाइड
23 Jan 2026
Pratik Sarin
Pratik Sarin
Torque Converter Explained_ How it Works and the Best Cars
1 मिनट में पढ़ें
3
Torque Converter क्या होता है? कैसे काम करता है और बेस्ट कारें कौन-सी हैं
11 Jan 2026
Pratik Sarin
Pratik Sarin
Learner's Licence Online & Offline Apply in maharashtra
1 मिनट में पढ़ें
4
महाराष्ट्र में लर्नर लाइसेंस कैसे बनवाएं? ऑनलाइन और ऑफलाइन पूरा प्रोसेस
29 Dec 2025
Pratik Sarin
Pratik Sarin
Best FASTag in India
1 मिनट में पढ़ें
5
भारत में सबसे बेहतरीन FASTag कौन सा है? जानें टॉप कंपनियां, फीस और फायदे
22 Dec 2025
Pratik Sarin
Pratik Sarin
Petrol vs Diesel car resale value.webp
1 मिनट में पढ़ें
6
पेट्रोल या डीज़ल: कौन सी कार बेहतर रीसेल वैल्यू देती है?
09 Dec 2025
Pratik Sarin
Pratik Sarin
Road Tax in Punjab
1 मिनट में पढ़ें
7
पंजाब में रोड टैक्स कितना है? शुल्क और जरूरी दस्तावेज की पूरी जानकारी
16 Oct 2025
Pratik Sarin
Pratik Sarin
Best V6 Engine Cars in India
1 मिनट में पढ़ें
8
V6 इंजन से लैस बेस्ट कारें भारत में – ड्राइविंग के शौकीनों के लिए परफेक्ट चॉइस
30 Sept 2025
Pratik Sarin
Pratik Sarin
FASTag Annual Pass Launch
1 मिनट में पढ़ें
9
नेशनल हाइवे पर अनलिमिटेड सफर सिर्फ ₹3000 में – जानिए FASTag पास कैसे लें
04 Sept 2025
Pratik Sarin
Pratik Sarin
Ad