

उत्तर प्रदेश में रोड टैक्स कैसे भरें? जानिए फीस, दस्तावेज और नियम
- 1उत्तर प्रदेश में हर वाहन मालिक को रोड टैक्स देना ज़रूरी है
- 22-व्हीलर के लिए वाहन मूल्य का 7% और 4-व्हीलर के लिए 9% तक टैक्स दरें लागू होती हैं
- 3उत्तर प्रदेश में रोड टैक्स ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से भरा जा सकता है
उत्तर प्रदेश में रोड टैक्स निजी वाहनों के लिए एकमुश्त भुगतान (one-time payment) और वाणिज्यिक वाहनों के लिए नियत अवधि (periodic) पर भुगतान किया जाने वाला टैक्स है, जो UP Motor Vehicles Taxation Act के अंतर्गत लागू होता है। यह टैक्स आपके वाहन की कीमत के अलावा उसके वज़न, इंजन क्षमता और उपयोग के प्रकार पर भी निर्भर करता है।
चाहे आप एक नई कार रजिस्टर करा रहे हों, किसी दूसरे राज्य से वाहन ला रहे हों, या फिर इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड वाहन खरीद रहे हों — सभी मामलों में रोड टैक्स समय पर देना अनिवार्य है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि उत्तर प्रदेश में रोड टैक्स की दरें क्या हैं, कौन-कौन से वाहन टैक्स देते हैं, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए क्या छूट है, भुगतान के तरीके क्या हैं और किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत होती है।
कौन देता है रोड टैक्स उत्तर प्रदेश में?
उत्तर प्रदेश में जो भी व्यक्ति वाहन रजिस्टर कराता है, उसे रोड टैक्स देना होता है। इसमें शामिल हैं —
- नए टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर के मालिक
- अन्य राज्यों से वाहन ट्रांसफर करने वाले व्यक्ति
- ऐसे खरीदार जो पुरानी कार या स्कूटर पहली बार यूपी में रजिस्टर करा रहे हैं
- वाणिज्यिक वाहन (जैसे ट्रक, टैक्सी, बस, मालवाहक) के मालिक — जिन्हें वाहन के प्रकार के अनुसार वार्षिक, तिमाही या मासिक टैक्स देना होता है
उत्तर प्रदेश में रोड टैक्स कैसे तय होता है?
टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर (निजी वाहन) के लिए रोड टैक्स एक बार में जमा किया जाने वाला टैक्स है। यह टैक्स वाहन की एक्स-शोरूम कीमत और यह वाहन AC है या non-AC, इस पर निर्भर करता है।
UP Motor Vehicles Taxation Act के अनुसार, अप्रैल 2025 में सभी श्रेणियों पर टैक्स दरों में 1% की वृद्धि की गई है।
इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और CNG वाहनों को सरकार ने 14 अक्टूबर 2022 से 13 अक्टूबर 2027 तक 100% टैक्स छूट (exemption) दी है, जिससे राज्य में पर्यावरण-अनुकूल वाहनों को बढ़ावा मिल सके।
वहीं, वाणिज्यिक वाहनों के लिए टैक्स उनकी सीटिंग क्षमता या भार वहन क्षमता पर आधारित होता है और यह टैक्स वार्षिक या तिमाही आधार पर देना होता है। यदि कोई वाहन पुराना है या किसी दूसरे राज्य से आया है, तो डिप्रिशिएशन (मूल्यह्रास) के आधार पर टैक्स में छूट दी जाती है।
उत्तर प्रदेश में रोड टैक्स की दरें
टू-व्हीलर (निजी वाहन)
| वाहन का प्रकार | टैक्स दर |
| कीमत ₹40,000 तक | एक्स-शोरूम कीमत का 7% |
| कीमत ₹40,000 से अधिक | एक्स-शोरूम कीमत का 10% |
फोर-व्हीलर (निजी वाहन)
| एक्स-शोरूम कीमत सीमा | टैक्स दर |
| ₹10 लाख तक | एक्स-शोरूम कीमत का 9% |
| ₹10 लाख से अधिक | एक्स-शोरूम कीमत का 11% |
इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और CNG वाहन
| प्रकार | टैक्स स्थिति |
| EV / Hybrid / CNG वाहन | 13 अक्टूबर 2027 तक 100% टैक्स छूट |
महत्वपूर्ण बिंदु (Key Notes)
- डिप्रिशिएशन (Depreciation): पुराने या दूसरे राज्य से आए वाहनों को प्रति वर्ष 5% टैक्स छूट दी जाती है (अधिकतम 75% तक)।
- ग्रीन टैक्स (Green Tax): 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों पर पर्यावरणीय प्रभाव के आधार पर ग्रीन टैक्स लगाया जाता है।
- वाणिज्यिक वाहन (Commercial Vehicles): ऐसे वाहनों पर टैक्स वार्षिक या तिमाही रूप से लगाया जाता है, जो उनकी सेवा (जैसे पैसेंजर या मालवाहक) पर निर्भर करता है।
उत्तर प्रदेश में रोड टैक्स कैसे भरें?
उत्तर प्रदेश में रोड टैक्स का भुगतान ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरीकों से किया जा सकता है — आप अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी विकल्प का चयन कर सकते हैं।
ऑनलाइन भुगतान का तरीका
- Parivahan Portal पर जाएँ।
- “Online Services” टैब पर क्लिक करें और “Vehicle Related Services” चुनें।
- अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और राज्य (Uttar Pradesh) दर्ज करें।
- उपलब्ध सेवाओं में से “Pay Tax” विकल्प चुनें।
- मांगी गई जानकारी भरें — जैसे वाहन का प्रकार, उद्देश्य, टैक्स अवधि आदि।
- भुगतान करें — नेट बैंकिंग, UPI या डेबिट/क्रेडिट कार्ड के माध्यम से।
- सफल भुगतान के बाद टैक्स रसीद (receipt) डाउनलोड करें और अपने RC के साथ सुरक्षित रखें।
ऑफलाइन भुगतान का तरीका
- अपने नज़दीकी RTO ऑफिस (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) जाएँ।
- यदि नया वाहन रजिस्टर कर रहे हैं तो Form 20 भरें, या नवीनीकरण के लिए संबंधित टैक्स फॉर्म।
- ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करें और काउंटर पर भुगतान करें।
- भुगतान के बाद टैक्स रसीद प्राप्त करें और उसे अपने RC दस्तावेज़ के साथ रखें।
टैक्स न भरने पर जुर्माना
अगर आप रोड टैक्स समय पर नहीं भरते हैं, तो आपको निम्न दंड झेलने पड़ सकते हैं —
- लेट फीस: बकाया टैक्स राशि का 1% प्रति माह के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा।
- लगातार बकाया रहने पर:
- वाहन का RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) निलंबित किया जा सकता है।
- वाहन जब्त (seize) किया जा सकता है।
- कानूनी नोटिस या चालान जारी किया जा सकता है।
- वाणिज्यिक वाहनों (Commercial Vehicles) के मामले में परमिट रद्द किया जा सकता है।
- वाहन का RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) निलंबित किया जा सकता है।
सुझाव: रोड टैक्स की नियत तिथि के पास रिमाइंडर सेट करें, ताकि अतिरिक्त जुर्माने या कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
उत्तर प्रदेश में रोड टैक्स रिफंड की प्रक्रिया
कुछ परिस्थितियों में, आप अपने द्वारा भरे गए रोड टैक्स का आंशिक रिफंड (Partial Refund) प्राप्त कर सकते हैं।
कब मिल सकता है रिफंड:
- जब आपका वाहन किसी दूसरे राज्य में स्थायी रूप से ट्रांसफर किया गया हो।
- यदि वाहन स्क्रैप, चोरी या दुर्घटना के कारण डीरजिस्टर हो गया हो।
- यदि आपने गलती से अधिक टैक्स का भुगतान कर दिया हो।
कैसे करें आवेदन:
- अपने क्षेत्रीय RTO ऑफिस में जाएँ।
- निम्न दस्तावेज़ साथ ले जाएँ:
- मूल टैक्स रसीद (Original Tax Receipt)
- RC बुक
- आवेदन पत्र (Application Letter)
- पहचान प्रमाण (ID Proof)
- ट्रांसफर या डीरजिस्ट्रेशन का प्रमाण (Proof of Transfer/Deregistration)
- आवेदन जमा करने के बाद RTO अधिकारी दस्तावेज़ों की जाँच करेंगे।
- रिफंड स्वीकृत होने पर चेक या बैंक ट्रांसफर के माध्यम से राशि वापस कर दी जाएगी।
नोट: सफल सत्यापन के बाद रिफंड की प्रक्रिया आमतौर पर 4 से 6 सप्ताह में पूरी हो जाती है।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख RTO कार्यालय और उनके संपर्क विवरण
| शहर / क्षेत्र | RTO कोड | पता |
| लखनऊ | UP-32 | RTO ऑफिस, आलमबाग, लखनऊ – 226005 |
| कानपुर | UP-78 | RTO ऑफिस, रावतपुर, कानपुर – 208019 |
| नोएडा | UP-16 | RTO ऑफिस, सेक्टर 32, नोएडा – 201301 |
| गाज़ियाबाद | UP-14 | RTO ऑफिस, राज नगर, गाज़ियाबाद – 201002 |
| वाराणसी | UP-65 | RTO ऑफिस, चांदपुर, वाराणसी – 221002 |
| आगरा | UP-80 | RTO ऑफिस, ट्रांसपोर्ट नगर, आगरा – 282005 |
पूरी सूची और अन्य जानकारी के लिए देखें: उत्तर प्रदेश में RTO वाहनों की जानकारी
निष्कर्ष
चाहे आप लखनऊ में नई कार खरीद रहे हों या किसी दूसरे राज्य से पुराना वाहन ला रहे हों, रोड टैक्स की दरें, आवश्यक दस्तावेज़ और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी होना बहुत ज़रूरी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से टैक्स भुगतान की सुविधा देकर प्रक्रिया को और आसान बना दिया है। इसी तरह आप उत्तर प्रदेश में लाइसेंस आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देखना चाहते हैं तो इस लिंक पर क्लिक करके सम्पूर्ण जानकारी पढ़िए।
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