

इंजन चेक लाइट क्यों जलती है? जानिए इसके पीछे की असली वजह
- 1इंजन चेक लाइट यह दर्शाती है कि आपकी कार के पावरट्रेन सिस्टम में कुछ गड़बड़ है
- 2लाइट के जलने का तरीका यह बताता है कि समस्या कितनी गंभीर है
- 3समस्या पहचानना आसान हो सकता है, लेकिन उसे ठीक करना एक्सपर्ट का काम है
कारें ढेर सारे पुर्जों और चलने वाले पार्ट्स से मिलकर बनी होती हैं। इनमें से किसी भी हिस्से में समय के साथ पहनावट या खराबी आ सकती है। इसी वजह से आधुनिक कारों में कई तरह के सेंसर लगे होते हैं जो किसी भी खराबी या गड़बड़ी को पहले ही पकड़ लेते हैं और ड्राइवर को चेतावनी देते हैं। ये चेतावनियां आमतौर पर कार के इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में लाइट और बीप की शक्ल में दिखाई देती हैं। इन सभी चेतावनियों में सबसे डरावनी होती है — इंजन चेक लाइट।
तो ये लाइट आखिर है क्या? ये क्यों आती है? कब इसकी चिंता करनी चाहिए? और क्या आप इसे आने से रोक सकते हैं? इन सभी सवालों के जवाब जानिए इस लेख में।
इंजन चेक लाइट क्या होती है?
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इंजन चेक लाइट कार के इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में इंजन के आकार के आइकन के रूप में दिखाई देती है। जब भी आपकी कार का ECU (Electronic Control Unit) इंजन या उससे जुड़े किसी भी सिस्टम में गड़बड़ी पकड़ता है, तो यह लाइट ऑन हो जाती है। इस लाइट का रंग और उसका पैटर्न (जैसे कि स्थिर जलना या ब्लिंक करना) यह बताता है कि समस्या कितनी गंभीर है।
पुरानी कारों में यह लाइट बस एक साधारण इंजन आइकन के रूप में दिखती है, लेकिन नई कारों में जहां ड्राइवर इंफॉर्मेशन डिस्प्ले होता है, वहां एक खास एरर मैसेज भी दिखाई देता है। कुछ मॉडर्न गाड़ियों में तो यह सिस्टम बहुत डिटेल में बताता है कि किस हिस्से में दिक्कत है और अगला कदम क्या होना चाहिए।
जब इंजन चेक लाइट ऑन हो जाए तो क्या करें?
अगर लाइट स्थिर जल रही है, तो घबराएं नहीं लेकिन सतर्क रहें: आप गाड़ी चलाना जारी रख सकते हैं, लेकिन किसी भी असामान्य आवाज़, कंपन या गाड़ी के व्यवहार में बदलाव पर ध्यान दें क्योंकि ये किसी बड़ी समस्या के संकेत हो सकते हैं।
अगर लाइट ब्लिंक कर रही हो या लाल रंग में हो, तो तुरंत रुकें: इसका मतलब है कि ECU ने किसी गंभीर गड़बड़ी को पकड़ा है। ऐसे में तुरंत सुरक्षित स्थान पर गाड़ी रोक दें और इंजन बंद कर दें। अगर आप ड्राइविंग जारी रखते हैं, तो इंजन को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

OBD-II स्कैनर का इस्तेमाल करें
1996 के बाद बनी सभी कारों में OBD (On-Board Diagnostics) सिस्टम होता है, जिससे कार के सभी इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की निगरानी की जाती है। हर गाड़ी में एक डाइग्नोस्टिक पोर्ट होता है, जिसकी लोकेशन आप कार के मैन्युअल में देख सकते हैं। इस पोर्ट में OBD-II स्कैनर लगाकर आप ECU द्वारा दर्ज की गई गड़बड़ी को पढ़ सकते हैं।
ये स्कैनर अलग-अलग रेंज और फीचर्स में आते हैं, लेकिन सभी स्कैनर एक कोड (Error Code) दिखाते हैं जिससे आप समझ सकते हैं कि समस्या क्या है। इसके बाद आप चाहें तो खुद से सुधार सकते हैं या किसी प्रोफेशनल से मदद ले सकते हैं।
प्रोफेशनल मैकेनिक की मदद कब लें?
अगर आपकी कार में इंजन चेक लाइट स्थिर जल रही है और आपके पास स्कैनर नहीं है, तो जल्द से जल्द किसी भरोसेमंद सर्विस सेंटर पर जाएं। और अगर लाइट ब्लिंक कर रही है या लाल रंग में है, तो रोडसाइड असिस्टेंस (जो कि आपकी बीमा कंपनी या कार कंपनी देती है) को कॉल करें या नज़दीकी मैकेनिक से संपर्क करें।
समय पर मदद लेने से आपकी कार में होने वाले बड़े नुकसान से बचा जा सकता है और भविष्य में आने वाला भारी खर्च भी टल सकता है।
इंजन चेक लाइट क्यों ऑन होती है? सबसे आम कारण
इंजन चेक लाइट ऑन होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं — कुछ हल्के, तो कुछ गंभीर। नीचे दिए गए कारण गंभीरता के बढ़ते क्रम में सूचीबद्ध हैं:
1. कमजोर बैटरी
जैसे-जैसे कारों में टेक्नोलॉजी एडवांस होती गई है, वैसे-वैसे उनमें बैटरी पर निर्भरता भी बढ़ती गई है। इंजन चेक लाइट कई बार इस बात की चेतावनी देती है कि आपकी बैटरी कमजोर हो रही है। इसके संकेतों में शामिल हैं — इंजन स्टार्ट होने में समय लगना या कार की लाइट्स का टिमटिमाना।
कमज़ोर बैटरी से गाड़ी के इग्निशन सिस्टम जैसे कि स्टार्टर मोटर को नुकसान पहुंच सकता है क्योंकि उसे बहुत अधिक पावर की ज़रूरत होती है। बैटरी कमज़ोर हो सकती है यदि वह पुरानी हो, लंबे समय तक गाड़ी नहीं चलाई गई हो या बैटरी का इस्तेमाल गलत तरीके से हुआ हो।
कभी-कभी एक प्रोफेशनल यह तय कर सकता है कि बैटरी को केवल रिचार्ज करने की ज़रूरत है या पूरी तरह बदलने की। अगर बैटरी पूरी तरह डिसचार्ज है लेकिन अब भी हेल्दी है, तो उसे जंप स्टार्ट किया जा सकता है। लेकिन अगर बैटरी कमजोर है, तो उसे बदलना ही सही रहता है।
2. ढक्कन (कैप) का ढीला या खराब होना

ईंधन टैंक का ढक्कन यानी फ्यूल कैप बहुत छोटा हिस्सा लगता है, लेकिन यह आपकी कार के फ्यूल सिस्टम का दबाव बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। अगर यह ढीला या टूटा हुआ होता है, तो कार का दबाव कम हो जाता है और इंजन चेक लाइट ऑन हो जाती है।
जब आप फ्यूल कैप बंद करते हैं, तो उसमें क्लिक की आवाज़ आनी चाहिए — यह संकेत होता है कि वह ठीक से बंद हो गया है। अगर कैप में दरारें हैं, स्क्रू सही से फिट नहीं हो रहा या अंदर धूल-मिट्टी जमा हो गई है, तो यह सब इसके खराब होने के लक्षण हैं।
फ्यूल कैप की खराबी से आपकी कार की परफॉर्मेंस और माइलेज दोनों प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही, इससे प्रदूषण भी बढ़ सकता है। गंभीर स्थिति में ईंधन का प्रवाह बाधित हो सकता है और इंजन या एग्जॉस्ट सिस्टम के कई हिस्सों को नुकसान हो सकता है।
3. ढीली या टूटी हुई वायरिंग
आपकी कार में कितनी वायरिंग है, यह उसकी उम्र और टेक्नोलॉजी पर निर्भर करता है — कुछ सौ मीटर से लेकर चार किलोमीटर तक। अगर इंजन से जुड़ी कोई वायर ढीली हो या टूट जाए, तो ECU तुरंत इंजन चेक लाइट ऑन कर देता है।
अगर वायरिंग सिर्फ ढीली है, तो उसे टाइट करना एक आसान काम है। लेकिन अगर वायरिंग में कट, शॉर्ट सर्किट या जलने के निशान हैं, तो इसकी मरम्मत महंगी और जटिल हो सकती है।
4. पुराने या खराब स्पार्क प्लग

स्पार्क प्लग छोटा होता है, लेकिन आपकी कार के इग्निशन सिस्टम का एक बहुत ही ज़रूरी हिस्सा होता है। अगर इंजन चेक लाइट के साथ-साथ आपको पावर में गिरावट, कम माइलेज, इंजन की आवाज़ में बदलाव या रफ आइडलिंग महसूस हो रही है, तो यह स्पार्क प्लग का संकेत हो सकता है।
धूल, तेल और दूसरी गंदगी समय के साथ स्पार्क प्लग पर जमा हो जाती है जिससे यह ठीक से काम नहीं करता। अगर समय रहते इसका साफ़-सफाई या बदलवाना ना किया जाए, तो इंजन में मिसफायर होने लगता है। इससे पिस्टन और सिलेंडर वॉल जैसी महंगी चीज़ों को नुकसान हो सकता है। सबसे खराब स्थिति में पूरा इंजन खराब हो सकता है।
5. ऑक्सीजन सेंसर में खराबी
इंजन की परफॉर्मेंस और माइलेज को सही बनाए रखने के लिए यह ज़रूरी है कि फ्यूल पूरी तरह जले। ECU (Electronic Control Unit) इसके लिए कई सेंसरों का उपयोग करता है, जिनमें से एक है ऑक्सीजन सेंसर — जिसे O2 सेंसर या लैम्ब्डा सेंसर भी कहा जाता है।
यह सेंसर इंजन के एग्जॉस्ट हिस्से में लगा होता है और अगर ECU को इससे कोई सिग्नल नहीं मिलता या वह असामान्य डेटा भेजता है, तो इंजन चेक लाइट ऑन हो जाती है।
इस सेंसर की लोकेशन और कॉम्प्लेक्सिटी के कारण इसकी जांच या मरम्मत महंगी हो सकती है। हालांकि, OBD-II स्कैनर से यह आसानी से पकड़ा जा सकता है कि सेंसर में क्या समस्या है, लेकिन इसकी रिपेयर या रिप्लेसमेंट हमेशा किसी एक्सपर्ट से ही करवानी चाहिए।
अगर ऑक्सीजन सेंसर की दिक्कत को नज़रअंदाज़ किया जाए, तो इससे इंजन और एग्जॉस्ट सिस्टम की कई चीज़ों को नुकसान हो सकता है। खासकर — कैटेलिटिक कनवर्टर, जो आधुनिक कारों के सबसे महंगे हिस्सों में से एक होता है, वो खराब हो सकता है और उसकी जगह नई यूनिट लगवाना बहुत महंगा पड़ सकता है।
इंजन चेक लाइट से बचाव कैसे करें?
इंजन चेक लाइट से बचने का एकमात्र तरीका है — नियमित सर्विस और सावधानीपूर्वक ड्राइविंग। अगर आप अपनी कार के निर्माता द्वारा दिए गए सर्विस गाइड का पालन करते हैं, तो आपकी कार की स्थिति अच्छी बनी रहती है और छोटी-मोटी समस्याएं आगे चलकर बड़े मुद्दों में तब्दील नहीं होतीं। साथ ही, अगर किसी पार्ट में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट की वजह से खराबी आती है, तो वारंटी का लाभ लेने के लिए भी यह ज़रूरी है कि आपने सर्विस शेड्यूल को फॉलो किया हो।

जिम्मेदार ड्राइविंग, बेहतर सेहत
अगर आप ड्राइविंग करते समय कार की तकनीकी सीमाओं का ध्यान रखते हैं (जिसे “मैकेनिकल सिम्पैथी” कहा जाता है), तो इससे आपकी कार के हिस्सों में समय से पहले टूट-फूट होने की संभावना कम हो जाती है।
हालांकि ऊपर बताई गई सभी सावधानियां बरतने के बावजूद इंजन चेक लाइट ऑन हो सकती है — लेकिन अगर आप सतर्क हैं और जानते हैं कि अगला कदम क्या होना चाहिए, तो किसी भी समस्या के प्रभाव को कम कर सकते हैं।
निष्कर्ष
इंजन चेक लाइट आपकी कार का एक सुरक्षा फीचर है, जो यह बताता है कि कुछ गलत होने वाला है, हो रहा है, या हो चुका है — और इसे आपकी तत्काल ध्यान देने की ज़रूरत है। घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है — ऊपर दिए गए निर्देशों का पालन करें और आप अपनी गाड़ी को फिर से मुस्कान के साथ चला सकेंगे।
आप चाहें तो एक प्रोफेशनल प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन भी करवा सकते हैं ताकि चेक इंजन लाइट की वजह को जल्दी पहचाना जा सके और समस्या समय रहते हल हो जाए।
पर कई बार कार पुरानी होने पर चैक इंजन लाइट हर कुछ दिनों में जलने लग जाती है। सामान्यतः इसका मतलब ये है कि अब आपकी कार पुरानी हो चुकी है और आपको इस कार को बेचकर नई कार लेने का समय आ गया है। और अगर आपकी कार डीजल है और उसे खरीदे हुए 10 साल हो गए हैं तो आप इस आर्टिकल 10 साल पुरानी डीज़ल कार बेचनी है? जानिए नियम और सही तरीका में उसे बेचने की प्रक्रिया के बारे में जान सकते हैं। और CARS24 के साथ आप अपनी पुरानी कार को आसानी से बेच सकते हैं — जिसमें ना के बराबर कागज़ी झंझट, झंझट-मुक्त प्रोसेस और तुरंत पेमेंट।