

कार के Rear View Mirror के प्रकार: आपकी कार के लिए कौन-सा बेहतर है?
- 1डे/नाइट मिरर मैनुअल या ऑटोमैटिक तरीके से ग्लेयर कम करने की सुविधा देते हैं
- 2ब्लाइंड स्पॉट से बचने के लिए ऐड-ऑन कन्वेक्स मिरर उपयोगी होते हैं
- 3कैमरा फीड वाले स्मार्ट मिरर ड्राइविंग को आसान बनाते हैं, पर ये महंगे आते हैं
इंटीरियर रियर व्यू मिरर (IRVM) के अलग-अलग प्रकारों पर बात करने से पहले यह समझना ज़रूरी है कि एक मिरर को प्रभावी क्या बनाता है। इसका सबसे बुनियादी काम आपकी गाड़ी के पीछे के हिस्से का साफ़ और बिना रुकावट वाला दृश्य दिखाना है।
रियर व्यू मिरर सिर्फ़ रिवर्स करते समय ही काम का नहीं होता। ड्राइव करते समय पीछे चल रहे ट्रैफ़िक और सड़क उपयोगकर्ताओं को देखना भी उतना ही ज़रूरी है। पीछे से आ रही कारें, बसें, ट्रक या दोपहिया वाहन—इन सबकी जानकारी होने से आप अपनी ड्राइविंग बेहतर तरीके से प्लान कर सकते हैं, ताकि न तो आप किसी हादसे में फँसें और न ही किसी और के लिए ख़तरा बनें।
ज़रा सोचिए, कितनी बार ऐसा हुआ होगा कि कोई गाड़ी अचानक आपके ब्लाइंड स्पॉट से निकलकर सामने आ गई हो और एक पल के लिए डर या घबराहट पैदा हो गई हो। ऐसे हालात में रिएक्शन में लिया गया कोई ग़लत फ़ैसला असुरक्षित साबित हो सकता है। एक अच्छी क्वालिटी का रियर व्यू मिरर आपको यह सब रोकने में मदद करता है।

एक अच्छा रियर व्यू मिरर आमतौर पर ये खूबियाँ देता है:
- साफ़ और बिना रुकावट का दृश्य
- कम से कम विकृति, ताकि दूरी का सही अंदाज़ा मिल सके
- रोज़मर्रा के इस्तेमाल को झेलने की मज़बूती
- सही साइज़ और पोज़िशन, जिससे ज़्यादा से ज़्यादा एरिया कवर हो
- कम से कम ब्लाइंड स्पॉट, ताकि सुरक्षा बढ़े
रियर व्यू मिरर के प्रकार
साधारण मिरर से लेकर ऑटो-डिमिंग मिरर और कैमरा फीड वाले सिस्टम तक, रियर व्यू मिरर ने समय के साथ काफ़ी तरक़्क़ी की है। आज अलग-अलग हालात में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए कई तरह के मिरर उपलब्ध हैं। आम तौर पर मिलने वाले कुछ रियर व्यू मिरर ये हैं:
- Standard IRVM
- Day/Night rear view mirrors
- Wide-angle / convex mirrors
- Smart rear view mirrors
सबसे बुनियादी विकल्प: Standard Rear View Mirror

Standard IRVM सबसे आम तरह का रियर व्यू मिरर है, जो ज़्यादातर गाड़ियों में मिलता है। ये मिरर आम तौर पर सपाट होते हैं और पीछे की चीज़ों को उनके असली आकार और दूरी में दिखाते हैं। ऐसी कारों के लिए ये सही रहते हैं, जिनकी पिछली विंडशील्ड से देखने में कोई बड़ी रुकावट नहीं होती।
फ़ायदे
- क़ीमत में सस्ते और बदलने में आसान
- लगभग कोई मेंटेनेंस नहीं चाहिए
- दूरी और साइज़ का सही आकलन दिखाते हैं
सीमाएँ
- पिछली खिड़की के आकार पर निर्भर
- पीछे बैठे यात्रियों के हेडरेस्ट या सामान से दृश्य रुक सकता है
- देखने का दायरा सीमित
- रात में पीछे से आने वाली हेडलाइट्स की चमक आँखों में चुभ सकती है
रात की चमक से राहत: Day/Night Rear View Mirror
Day/Night rear view mirrors अब लगभग हर सेगमेंट की नई कारों में Standard IRVM की जगह लेने लगे हैं, चाहे कार की क़ीमत कुछ भी हो। ये मिरर रात में ड्राइविंग को ज़्यादा सुरक्षित और आरामदायक बनाते हैं, क्योंकि पीछे से आने वाली तेज़ हेडलाइट्स की चमक को कम कर देते हैं।
इन मिरर्स को anti-glare mirrors भी कहा जाता है। ये मैनुअल भी हो सकते हैं और ऑटो-डिमिंग भी।
मैनुअल day/night IRVM में एक छोटा-सा टैब होता है। दिन में मिरर का सिल्वर बैक हिस्सा पीछे का दृश्य दिखाता है। टैब पलटने पर, पीछे से आने वाली हेडलाइट्स की रोशनी आँखों से दूर उछल जाती है और सामने का काँच कम तीव्रता में पीछे का दृश्य दिखाता है।
ऑटो-डिमिंग IRVM में electrochromic मटीरियल इस्तेमाल होता है, जो पीछे से तेज़ रोशनी आने पर अपने आप गहरा हो जाता है। सेंसर पीछे की तेज़ लाइट को पहचान लेता है और मिरर को डिम कर देता है। जैसे ही लाइट हटती है, मिरर फिर से सामान्य हो जाता है। ये फ़ीचर आम तौर पर महंगे या टॉप वेरिएंट्स में मिलता है।
ज़्यादा देखने की सुविधा: Convex Rear View Mirror
Convex मिरर, जिन्हें wide-angle या panoramic view मिरर भी कहा जाता है, सपाट मिरर की तुलना में कहीं ज़्यादा चौड़ा दृश्य दिखाते हैं। ये मिरर ख़ास तौर पर SUVs या बड़ी MPVs के लिए उपयोगी होते हैं, जहाँ ब्लाइंड स्पॉट ज़्यादा होते हैं।
ये मिरर clip-on के रूप में भी उपलब्ध होते हैं, जिन्हें मौजूदा inner या outer मिरर पर लगाया जा सकता है।
फ़ायदे
- पीछे और किनारों का ज़्यादा चौड़ा दृश्य
- ब्लाइंड स्पॉट में मौजूद गाड़ियों या चीज़ों को पहचानने में मदद
- peripheral vision बेहतर बनाता है
नुकसान
- वस्तुएँ असल से छोटी और दूर दिख सकती हैं
- कुछ aftermarket मिरर्स की क्वालिटी संतोषजनक नहीं होती
रुकावट से बेपरवाह: Smart Rear View Mirror
Smart rear view mirrors या digital display mirrors पीछे लगे कैमरे से लाइव वीडियो फ़ीड दिखाते हैं। इनमें अक्सर पारंपरिक मिरर मोड और कैमरा मोड के बीच स्विच करने का विकल्प होता है, और कई बार dash cam फ़ंक्शन भी मिलता है।
ये मिरर आम तौर पर लग्ज़री कारों में मिलते हैं, लेकिन समय के साथ ये तकनीक आम गाड़ियों में भी देखने को मिल सकती है।
फ़ायदे
- यात्रियों या सामान से दृश्य बाधित नहीं होता
- कम रोशनी में बेहतर दृश्य
- dash cam जैसी सुरक्षा सुविधा
नुकसान
- इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स ख़राब हो सकते हैं
- इस्तेमाल की आदत डालने में समय लगता है
- क़ीमत काफ़ी ज़्यादा
- पारंपरिक मिरर जैसी गहराई का एहसास नहीं मिलता
सहायक मिरर: Outer Rear View Mirrors
Outer rear view mirrors (ORVMs) भी पीछे देखने के लिए उतने ही ज़रूरी हैं। IRVM के साथ मिलकर ये पीछे का पूरा दृश्य देते हैं। पुराने convex clip-on मिरर से लेकर blind spot warning और कैमरा फीड जैसी आधुनिक तकनीक तक, ORVMs आपकी सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं।
IRVM की तरह ही, ORVMs को भी ड्राइव करते समय बार-बार देखना ज़रूरी है। एक आसान टिप यह है कि ड्राइव करते हुए मिरर्स को क्रम से देखते रहें, ताकि पीछे के ट्रैफ़िक पर नज़र बनी रहे और आप सतर्क रहें।
अपनी कार के लिए सही रियर व्यू मिरर कैसे चुनें
ज़्यादातर लोगों के लिए एक अच्छी क्वालिटी का day/night IRVM क़ीमत और फ़ायदे के बीच सही संतुलन देता है। नए ड्राइवरों के लिए auto-dimming मिरर एक बढ़िया फ़ीचर हो सकता है, क्योंकि इससे रात में ड्राइविंग के दौरान अंदाज़ा लगाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
इसी तरह, शहर में भीड़-भाड़ वाले रास्तों पर चलने के लिए ORVMs के साथ convex clip-on मिरर काफ़ी मददगार साबित होते हैं।
रियर व्यू मिरर चुनते समय इन बातों पर ज़रूर ध्यान दें:
ड्राइविंग की परिस्थितियाँ
- ज़्यादा रात में ड्राइविंग – day/night मिरर
- भारी ट्रैफ़िक वाले इलाके – convex मिरर
- हाईवे ड्राइविंग – convex मिरर
गाड़ी का प्रकार
- सामान्य पैसेंजर कारें – पारंपरिक या day/night मिरर
- बड़ी SUVs – wide-angle मिरर
निष्कर्ष
भले ही अनुभवी ड्राइवर हों या पहली बार कार ख़रीदने वाले, रियर व्यू मिरर अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है, जबकि यह आपकी गाड़ी का एक बेहद अहम सुरक्षा हिस्सा है। पारंपरिक मिरर चुनें, day/night या auto-dimming IRVM पर अपग्रेड करें, या convex मिरर लगाएँ—मक़सद एक ही है, ऐसा मिरर चुनना जो आपकी ड्राइविंग पोज़िशन के अनुसार सही तरह से एडजस्ट हो सके।
आख़िरकार, बेहतर दृश्यता और आत्मविश्वास के साथ ड्राइव करना ही सबसे ज़रूरी है। याद रखिए, सबसे अच्छा रियर व्यू मिरर वही है, जिसे आप सही तरीके से इस्तेमाल करते हैं और जो आपकी ड्राइविंग ज़रूरतों के हिसाब से फिट बैठता है।
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