

SUV vs Sedan: कीमत, माइलेज और कंफर्ट की तुलना
- 1सेडान और SUV के बीच चुनाव आपकी ज़रूरत और पसंद पर निर्भर करता है
- 2सेडान कारों में सामान्यतः पीछे बैठने की जगह, माइलेज और हैंडलिंग बेहतर मिलती है
- 3SUV कारें बेहतर राइड क्वालिटी, ज़्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस और बहुउपयोगी होती हैं
Sedan बनाम SUV के बीच अपनी अगली कार चुनने की यात्रा का पहला कदम यह समझना है कि आपकी ज़रूरतें क्या हैं। रोज़मर्रा के इस्तेमाल, आपकी प्राथमिकताएँ, ज़रूरत और चाहत के बीच का फर्क, बजट और अन्य पहलुओं को स्पष्ट करने से आपकी कार की पसंद काफ़ी हद तक सीमित हो जाती है। हाल के वर्षों में Sedan को SUV के मुक़ाबले थोड़ा पीछे धकेल दिया गया है। इसके बावजूद, कुछ परिस्थितियों और कुछ ख़रीदारों के लिए Sedan आज भी बेहतर विकल्प साबित हो सकती है, भले ही SUV को ऐसी कार माना जाता हो जो “सब कुछ कर सकती है”।
यह लेख दोनों के बीच अंतर को साफ़ तौर पर समझाता है—इंटीरियर स्पेस, बूट क्षमता, राइड क्वालिटी, हैंडलिंग, परफ़ॉर्मेंस, माइलेज और क़ीमत—ताकि Sedan और SUV के बीच चुनाव करना आसान हो जाए, ख़ासकर तब जब आप सेकंड हैंड car लेने की सोच रहे हों।
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SUVs और Sedans के बीच मुख्य अंतर
SUV बनाम Sedan के बीच बॉडी डिज़ाइन का फर्क दोनों को अलग-अलग विशेषताएँ देता है। इसमें आकार से जुड़ी भिन्नताएँ शामिल हैं, जो इंटीरियर स्पेस, आराम और बूट स्पेस को प्रभावित करती हैं—कुछ मामलों में SUV के पक्ष में, तो कुछ में Sedan के। इसके अलावा वाहन का वज़न, ग्राउंड क्लीयरेंस और एयरोडायनामिक ड्रैग जैसे पहलू परफ़ॉर्मेंस, माइलेज, राइड क्वालिटी और हैंडलिंग को प्रभावित करते हैं। एक ख़रीदार के रूप में आपको तय करना होता है कि आपके लिए कौन-से पहलू ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं और Sedan व SUV के बीच का क़ीमत अंतर आपके लिए वाजिब है या नहीं।
| तुलना का पहलू | SUVs | Sedans |
| क़ीमत | आमतौर पर आकार और ज़्यादा मांग की वजह से महंगी | अक्सर SUV की समान क़ीमत पर ज़्यादा फ़ीचर्स या कम दाम |
| आकार | लंबाई, चौड़ाई, ऊँचाई और ज़्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस | अपेक्षाकृत नीची, छोटी और कम ग्राउंड क्लीयरेंस |
| माइलेज | ज़्यादा वज़न और सामने का बड़ा हिस्सा होने से कम | कम ड्रैग और हल्के वज़न के कारण बेहतर |
| सुरक्षा | बड़े आकार से कुछ स्थितियों में ज़्यादा सुरक्षा, बेहतर दृश्यता | कम रोलओवर जोखिम, लेकिन नीची सीटिंग से दृश्यता सीमित |
| आराम और सुविधा | ख़राब सड़कों पर बेहतर राइड क्वालिटी | सीटिंग और लेगरूम अक्सर ज़्यादा आरामदायक |
| परफ़ॉर्मेंस | वज़न और आकार के कारण कम चुस्त | ज़्यादा तेज़ और चलाने में मज़ेदार |
| बूट स्पेस | ऊर्ध्वाधर लोडिंग से ज़्यादा लचीलापन | कुछ Sedans में ज़्यादा बूट, पर डिज़ाइन सीमित |
डिज़ाइन और आकार
अगर आपके लिए गाड़ी का आकार निर्णायक है, तो SUV साफ़ तौर पर आगे निकल जाती है। समान लंबाई होने पर भी SUV अपनी ऊँचाई के कारण बड़ी दिखती है। डिज़ाइन के मामले में SUV आमतौर पर ज़्यादा रग्ड और मज़बूत लुक अपनाती हैं।
वहीं, शहर के इस्तेमाल में SUV का बड़ा आकार कभी-कभी नुकसान भी बन सकता है। तंग पार्किंग में Sedan को फिट करना आसान होता है। नीची, स्लीक और प्रीमियम स्टाइल वाली Sedan ज़्यादा सुसंस्कृत और एलिगेंट लगती है।
ड्राइविंग आराम
कुछ ख़रीदारों को SUV की ऊँची और सीधी बैठने की स्थिति पसंद आती है, जिससे सड़क का नज़ारा बेहतर मिलता है। वहीं कुछ लोग “गाड़ी के अंदर बैठने” का एहसास पसंद करते हैं, भले ही किनारों की दृश्यता थोड़ी कम हो।
ऊँची सीटिंग के कारण SUV बुज़ुर्ग यात्रियों के लिए सुविधाजनक हो सकती है, हालाँकि बहुत ऊँची SUV में चढ़ना-उतरना उम्रदराज़ लोगों के लिए मुश्किल भी हो सकता है। दूसरी ओर, Sedan की नीची सीट से बाहर निकलना कुछ लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
आमतौर पर लंबी सस्पेंशन ट्रैवल के कारण SUVs ख़राब सड़कों पर बेहतर राइड क्वालिटी देती हैं। लेकिन इसका नुकसान मोड़ों पर ज़्यादा बॉडी रोल के रूप में सामने आता है, जिसे Sedan अपने नीचले सेंटर ऑफ़ ग्रैविटी के कारण बेहतर संभालती है। बॉडी-ऑन-फ़्रेम SUVs शहर की रफ़्तार पर कभी-कभी अस्थिर भी लग सकती हैं।
उपयोग और व्यवहारिकता
Sedan तीन-बॉक्स डिज़ाइन होती है—इंजन, यात्रियों और सामान के लिए अलग-अलग हिस्से—जिससे इसकी लचीलापन सीमित हो जाता है। हालाँकि आकार के हिसाब से Sedans अच्छा बूट स्पेस देती हैं, लेकिन बूट की ऊँचाई सीमित रहती है।
SUV दो-बॉक्स डिज़ाइन के साथ आती है, जहाँ यात्री और सामान का हिस्सा जुड़ा होता है। ऊर्ध्वाधर स्पेस का इस्तेमाल करके SUV भारी और अजीब आकार का सामान ले जाने में ज़्यादा उपयोगी साबित होती है।
कब चुनें SUV (नई या used)

SUV उन ख़रीदारों के लिए सही रहती है जो ख़राब सड़कों पर बेहतर राइड क्वालिटी चाहते हैं। बड़े परिवार के लिए 7-सीटर विकल्प भी SUV में ही मिलते हैं। सीटें मोड़कर भारी सामान ले जाने की क्षमता इसे और उपयोगी बनाती है। ज़्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस और “हर जगह जाने” की क्षमता लंबी दूरी तय करने वालों के लिए फ़ायदेमंद है। ऑफ-रोड या रोमांच पसंद करने वालों को ऑल-व्हील ड्राइव या फ़ोर-व्हील ड्राइव विकल्प भी SUV में ही मिलते हैं।
SUV ख़रीदने के फ़ायदे और नुकसान
SUV को मूल रूप से बॉडी-ऑन-फ़्रेम चेसिस और भारी सस्पेंशन के साथ डिज़ाइन किया गया था। आज ज़्यादातर SUVs मोनोकॉक प्लेटफ़ॉर्म पर आ गई हैं, जिससे सड़क पर व्यवहार बेहतर हुआ है लेकिन ऑफ-रोड क्षमता कुछ कम हुई है। कॉम्पैक्ट और माइक्रो SUVs अक्सर उठी हुई हैचबैक जैसी होती हैं।
फ़ायदे:
- ऊँची ड्राइविंग पोज़िशन से बेहतर दृश्यता
- बड़ा केबिन और लचीला कार्गो स्पेस
- ज़्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस से बाधाएँ पार करना आसान
नुकसान:
- शुरुआती और लंबे समय की लागत ज़्यादा
- भारी वज़न के कारण सस्पेंशन पार्ट्स जल्दी घिसते हैं
- माइलेज कम
- बॉडी-ऑन-फ़्रेम SUVs में ऊबड़-खाबड़ सड़क पर अस्थिर राइड
used SUV के फ़ायदे और नुकसान
| फ़ायदे | नुकसान |
| शुरुआती ख़र्च कम | महँगी मेंटेनेंस की संभावना |
| बजट में ज़्यादा विकल्प | नई तकनीक जितनी एफिशिएंसी नहीं |
कब चुनें Sedan (नई या used)

ज़्यादातर Sedans बेहतर सीटिंग आराम, ज़्यादा लेगरूम, अच्छा बूट स्पेस, बेहतर परफ़ॉर्मेंस, हैंडलिंग और माइलेज देती हैं। अगर आप ग्राउंड क्लीयरेंस से समझौता कर सकते हैं और स्पोर्टी ड्राइव पसंद करते हैं, तो Sedan सही विकल्प हो सकती है।
Sedan के फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे:
- नीची सीटिंग से गाड़ी से बेहतर जुड़ाव
- कम रोलओवर जोखिम
- चलाने में ज़्यादा मज़ा और बेहतर आराम
- पैसे के हिसाब से बेहतर वैल्यू
नुकसान:
- कार्गो लचीलापन सीमित
- ख़राब सड़कों पर सावधानी ज़रूरी
- डीज़ल विकल्प कम होते जा रहे हैं
used Sedan के फ़ायदे और नुकसान
| फ़ायदे | नुकसान |
| लग्ज़री Sedans सस्ती मिल सकती हैं | मेंटेनेंस महँगा हो सकता है |
| आराम बनाम क़ीमत में बेहतर सौदा | रीसेल पर ज़्यादा depreciation |
नई बनाम used SUVs और Sedans
जब कार खरीदने की बात आती है, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि नई कार ली जाए या पुरानी। ठीक इसी तरह, SUV और सेडान के बीच चुनाव करना भी आसान नहीं होता। आमतौर पर नई SUV की कीमत, उसी कंपनी या सेगमेंट की नई सेडान के मुकाबले ज़्यादा होती है। ऐसे में जो खरीदार बजट को लेकर सतर्क होते हैं, वे अक्सर सेडान की तरफ झुकते हैं। यह फैसला ज़्यादातर मामलों में सही भी साबित होता है, क्योंकि बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी और कम मेंटेनेंस खर्च की वजह से सेडान का रनिंग कॉस्ट कम रहता है। जब तक किसी खरीदार को खास तौर पर खराब सड़कों पर चलाने की ज़रूरत, ज़्यादा सामान ढोने की क्षमता या अतिरिक्त सीटिंग की जरूरत न हो, तब तक सेडान एक सुरक्षित और समझदारी भरा विकल्प होती है।
सेकेंड हैंड मार्केट में भी यही ट्रेंड देखने को मिलता है। समान सेगमेंट, उम्र, माइलेज और कंडीशन वाली SUV की कीमत आमतौर पर सेडान से ज़्यादा होती है। ऐसे में खरीदार को यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि SUV के सस्पेंशन पार्ट्स की रिपेयर कॉस्ट ज़्यादा हो सकती है, क्योंकि गाड़ी का वज़न और साइज़ बड़ा होने के साथ-साथ इसका इस्तेमाल अक्सर ज्यादा रफ कंडीशंस में किया जाता है। चाहे आप इस्तेमाल की हुई सेडान देखें या इस्तेमाल की हुई SUV, खरीदने से पहले सोच-समझकर फैसला लेना ज़रूरी है—हालांकि सही जगह तलाशें, तो अच्छे सौदे आज भी आसानी से मिल सकते हैं।
नई और used बाज़ार में लोकप्रिय मॉडल
| मॉडल | बॉडी टाइप | नई क़ीमत | used क़ीमत | ख़ासियत | रीसेल |
| Hyundai Creta | SUV | ₹12.7–23.6 लाख | ₹12.30–23.41 लाख | रोड प्रेज़ेंस | ज़्यादा |
| Hyundai Verna | Sedan | ₹12.7–19.9 लाख | ₹12.26–19.38 लाख | आराम, परफ़ॉर्मेंस | Creta से कम |
| Maruti Suzuki Dzire | कॉम्पैक्ट Sedan | ₹7.7–11.7 लाख | ₹6.26–9.31 लाख | बूट स्पेस | टैक्सी इमेज |
| Tata Punch | कॉम्पैक्ट SUV | ₹7–11.7 लाख | ₹6.15–10.54 लाख | ग्राउंड क्लीयरेंस | वेरिएंट पर निर्भर |
निष्कर्ष
SUV की लोकप्रियता के बावजूद, ज़्यादातर लोगों के लिए Sedan बेहतर साबित हो सकती है। फिर भी SUV की व्यवहारिकता को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। हमारा सुझाव है कि अपनी ज़रूरतों को अच्छे से समझें और उसी आधार पर SUV या Sedan का चुनाव करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सभी को बड़ा करें






















