

2026 में शराब पीकर गाड़ी चलाने पर ₹10,000 जुर्माना + जेल? जानें हर राज्य के सख्त नियम
- 1पहली बार ड्रिंक एंड ड्राइव पर अधिकतर राज्यों में ₹10,000 का चालान तय है
- 2नशे में वाहन चलाते पकड़े गए तो जुर्माना ही नहीं, जेल भी हो सकती है
- 3चालान ऑनलाइन भर सकते हैं, लेकिन बार-बार अपराध पर सख्त कार्रवाई होती है
- 2025-26 में Drink and Drive कानून इतना सख्त क्यों हुआ?
- कानूनी BAC लिमिट क्या है?
- मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 – पूरी सजा समझें
- तीन साल के भीतर दोबारा अपराध:
- भारत में राज्य-वार ड्रिंक एंड ड्राइव चालान 2026
- राज्यवार सख्ती की तुलना (2026)
- नाबालिग चालकों के लिए विशेष नियम
- ड्रिंक एंड ड्राइव मामले में पूरी कानूनी प्रक्रिया
- गंभीर दुर्घटना की स्थिति
- अंतिम विशेषज्ञ सलाह
2026 में भारत में शराब पीकर गाड़ी चलाने पर पहली बार पकड़े जाने पर ₹10,000 तक का जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और जेल की सजा तक हो सकती है। दोबारा अपराध करने पर सजा और भी सख्त हो जाती है।
कुछ साल पहले तक यह जुर्माना बहुत कम था, लेकिन 2019 में मोटर वाहन कानून में बड़े बदलाव के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई। एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सड़क दुर्घटनाओं में नशे की हालत में ड्राइविंग एक बड़ी वजह मानी जाती है। इसी कारण राज्यों ने निगरानी और सजा दोनों को कड़ा किया है। अगर आप यह जानना चाहते हैं कि वास्तव में कितना जुर्माना लगता है, पुलिस क्या करती है और अलग-अलग राज्यों में नियम कैसे लागू होते हैं, तो यह पूरा लेख आपके लिए है।
2025-26 में Drink and Drive कानून इतना सख्त क्यों हुआ?
2019 में मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन के बाद जुर्माना ₹2,000 से बढ़ाकर ₹10,000 कर दिया गया। इसका कारण था:
- बढ़ती सड़क दुर्घटनाएँ
- नाइटलाइफ क्षेत्रों में बढ़ती लापरवाही
- ट्रैफिक कैमरों और डिजिटल चालान सिस्टम का विस्तार
एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कई गंभीर सड़क हादसे नशे की हालत में ड्राइविंग से जुड़े पाए गए हैं। इसी वजह से राज्यों ने अब “शून्य सहनशीलता” नीति अपनाई है।
कानूनी BAC लिमिट क्या है?
भारत में नशे की कानूनी सीमा:
- 100 ml रक्त में 30 mg अल्कोहल तक अनुमति
- 30 mg से ऊपर = अपराध
- ब्रीथ एनालाइज़र टेस्ट से जांच
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 – पूरी सजा समझें
पहली बार पकड़े जाने पर:
- ₹10,000 तक जुर्माना
- 6 महीने तक की जेल
- या दोनों
- लाइसेंस अस्थायी जब्त
तीन साल के भीतर दोबारा अपराध:
- ₹15,000 तक जुर्माना
- 2 साल तक की जेल
- लाइसेंस निलंबन या रद्द
भारत में राज्य-वार ड्रिंक एंड ड्राइव चालान 2026

दिल्ली में शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माना
- पहली बार: ₹10,000
- दूसरी बार: ₹15,000
- लाइसेंस 6 महीने तक निलंबित
दिल्ली में नाइटलाइफ और व्यस्त बाजार क्षेत्रों में देर रात विशेष जांच अभियान चलते हैं। कैमरे और ब्रीथ एनालाइज़र दोनों का इस्तेमाल होता है।
महाराष्ट्र में शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माना
- पहली बार: ₹10,000
- दूसरी बार: ₹15,00
- लाइसेंस 3 महीने या अधिक निलंबन
मुंबई और पुणे में सप्ताहांत और त्योहारों पर विशेष सख्ती रहती है। गंभीर मामलों में कोर्ट पेशी अनिवार्य हो सकती है।
कर्नाटक (बेंगलुरु) में जुर्माना
- पहली बार: ₹10,000
- दूसरी बार: ₹15,000
बेंगलुरु में आईटी हब और मुख्य सड़कों पर रात में नियमित ब्रीथ टेस्ट अभियान चलते हैं।
तमिलनाडु (चेन्नई) में जुर्माना
- पहली बार: ₹10,000
- दूसरी बार: ₹15,000
त्योहारों और छुट्टियों के दौरान पुलिस देर रात विशेष चेकिंग करती है।
उत्तर प्रदेश (लखनऊ / कानपुर) में जुर्माना
- पहली बार: ₹10,000
- दूसरी बार: ₹15,000
रात 9 बजे के बाद प्रमुख चौराहों पर ब्रीथ टेस्ट आम हैं।
गुजरात (अहमदाबाद / सूरत) में जुर्माना
- पहली बार: ₹10,000
- दूसरी बार: ₹15,000
- लाइसेंस निलंबन संभव
हॉटस्पॉट और पार्टी क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रहती है।
राजस्थान (जयपुर) में जुर्माना
- पहली बार: ₹10,000
- दूसरी बार: ₹15,000
हाईवे एंट्री प्वाइंट्स पर विशेष जांच।
पश्चिम बंगाल (कोलकाता) में जुर्माना
- पहली बार: ₹10,000
- दूसरी बार: ₹15,000
नाइटलाइफ क्षेत्रों में नियमित चेकिंग अभियान।
तेलंगाना (हैदराबाद) में जुर्माना
- पहली बार: ₹10,000
- दूसरी बार: ₹15,000
- बार-बार अपराध पर लाइसेंस सस्पेंड
आईटी कॉरिडोर और सप्ताहांत में सख्ती अधिक।
केरल (कोच्चि / तिरुवनंतपुरम) में जुर्माना
- पहली बार: ₹10,000
- दूसरी बार: ₹15,000
- लाइसेंस निलंबन संभव
पर्यटक सीजन में जांच और तेज़।
राज्यवार सख्ती की तुलना (2026)
हालाँकि जुर्माने की मूल राशि लगभग सभी राज्यों में समान है, लेकिन लागू करने की सख्ती अलग-अलग हो सकती है। नीचे एक तुलना दी गई है:
| राज्य | पहली बार जुर्माना | दोबारा जुर्माना | लाइसेंस कार्रवाई (संभावित) | निगरानी स्तर |
| दिल्ली | ₹10,000 | ₹15,000 | 6 महीने तक निलंबन | बहुत सख्त (CCTV + नाइट ड्राइव) |
| महाराष्ट्र | ₹10,000 | ₹15,000 | 3 महीने या अधिक | महानगरों में सख्त |
| कर्नाटक | ₹10,000 | ₹15,000 | संभव निलंबन | बेंगलुरु में कड़ी चेकिंग |
| तमिलनाडु | ₹10,000 | ₹15,000 | संभव निलंबन | त्योहारों पर सख्ती |
| उत्तर प्रदेश | ₹10,000 | ₹15,000 | लाइसेंस कार्रवाई संभव | शहरों में नियमित जांच |
| गुजरात | ₹10,000 | ₹15,000 | लाइसेंस निलंबन संभव | हाई-सर्विलांस |
| केरल | ₹10,000 | ₹15,000 | अक्सर निलंबन | पर्यटक सीजन में सख्त |
Expert Insight:
महानगरों में रात 9 बजे के बाद और सप्ताहांत में चेकिंग की संभावना अधिक होती है।
नाबालिग चालकों के लिए विशेष नियम
यदि कोई नाबालिग (18 वर्ष से कम आयु) शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो सजा और भी गंभीर हो जाती है।
क्या हो सकता है?
- वाहन मालिक पर भारी जुर्माना
- वाहन का पंजीकरण रद्द हो सकता है
- नाबालिग को 25 वर्ष की आयु तक लाइसेंस न मिलने का प्रावधान
- माता-पिता या अभिभावक के खिलाफ भी कार्रवाई संभव
यानी अगर बच्चा नशे में गाड़ी चलाता पकड़ा जाता है, तो जिम्मेदारी सिर्फ उसी की नहीं होती।
ड्रिंक एंड ड्राइव मामले में पूरी कानूनी प्रक्रिया
अगर आप शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाते हैं, तो आगे क्या होता है? यहाँ पूरी प्रक्रिया सरल भाषा में समझें:
ब्रीथ टेस्ट
पुलिस मौके पर ब्रीथ एनालाइज़र से जांच करती है।
2. मेडिकल टेस्ट (जरूरत पड़ने पर)
यदि मशीन रीडिंग बहुत अधिक हो या विवाद हो, तो अस्पताल में रक्त परीक्षण कराया जा सकता है।
3. चालान या हिरासत
- सामान्य मामलों में चालान काटा जाता है
- गंभीर मामलों में हिरासत में लिया जा सकता है
4. लाइसेंस जब्ती
ड्राइविंग लाइसेंस अस्थायी रूप से जब्त किया जा सकता है।
5. कोर्ट पेशी (यदि आवश्यक हो)
अगर BAC बहुत अधिक है या दुर्घटना हुई है, तो मामला कोर्ट में जाएगा।
6. सजा
- जुर्माना
- जेल
- लाइसेंस निलंबन
- दोबारा अपराध पर कठोर सजा
गंभीर दुर्घटना की स्थिति
यदि शराब के प्रभाव में गाड़ी चलाते हुए:
- किसी को गंभीर चोट पहुँचे
- या मृत्यु हो जाए
तो भारतीय दंड संहिता की धारा 304A लागू हो सकती है।
इसमें जेल की सजा निश्चित है और मामला बहुत गंभीर बन जाता है।
अंतिम विशेषज्ञ सलाह
ड्रिंक एंड ड्राइव का मामला सिर्फ जुर्माने तक सीमित नहीं है।
इसका असर पड़ सकता है:
- आपके लाइसेंस पर
- आपके बीमा क्लेम पर
- आपके भविष्य के ड्राइविंग रिकॉर्ड पर
- और सबसे महत्वपूर्ण — किसी की जान पर
सबसे सुरक्षित विकल्प क्या है?
अगर आपने शराब पी है, तो गाड़ी न चलाएँ। टैक्सी बुलाएँ, ऐप कैब लें या किसी होश में व्यक्ति से गाड़ी चलवाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सभी को बड़ा करें

























