

उत्तराखंड में रोड टैक्स की पूरी जानकारी: टैक्स रेट और वाहन रजिस्ट्रेशन टिप्स
- 1रोड टैक्स की दर उत्तराखंड में वाहन की कीमत और उपयोग के प्रकार के अनुसार तय होती है
- 2निजी वाहनों पर एकमुश्त रोड टैक्स 6% से 8% तक लिया जाता है, व AMC चार्ज भी जुड़ता है
- 3आप Parivahan वेबसाइट से ऑनलाइन या अपने स्थानीय RTO में जाकर रोड टैक्स भर सकते हैं
उत्तराखंड में रोड टैक्स हर उस वाहन के लिए अनिवार्य है, जो राज्य में पंजीकृत है या भारत के किसी अन्य राज्य से यहाँ लाकर इस्तेमाल किया जा रहा है। चाहे आपने बिल्कुल नई कार खरीदी हो, किसी पुरानी कार को दोबारा पंजीकृत कराया हो, या फिर किसी दूसरे राज्य से वाहन लाए हों, उस पर रोड टैक्स चुकाना टाला नहीं जा सकता। उत्तराखंड में रोड टैक्स की व्यवस्था Uttarakhand Motor Vehicles Taxation Act के तहत संचालित होती है और भारत के अन्य राज्यों की तरह यहाँ भी टैक्स की गणना, स्लैब और छूट का अपना अलग ढांचा है।
इस लेख में हम विस्तार से बताएँगे कि रोड टैक्स की गणना कैसे होती है, उत्तराखंड में दो-पहिया और चार-पहिया वाहनों पर लागू मौजूदा रोड टैक्स दरें क्या हैं, टैक्स न चुकाने पर क्या जुर्माना लगता है और आप यह टैक्स ऑनलाइन कैसे जमा कर सकते हैं। आगे पढ़ते रहें।
उत्तराखंड में रोड टैक्स किसे देना होता है?
चाहे आपके पास स्कूटर हो, हैचबैक, SUV या फिर EV, अगर आप उत्तराखंड में किसी मोटर वाहन के मालिक हैं या उसे यहाँ चलाने का इरादा रखते हैं, तो आपको रोड टैक्स देना होगा। नीचे उन लोगों की सूची दी गई है, जिन्हें यह टैक्स चुकाना अनिवार्य है:
- उत्तराखंड के निवासी जो नया वाहन खरीदते हैं
- दूसरे राज्यों के निवासी जो अपना वाहन उत्तराखंड लाकर 12 महीने से ज़्यादा समय तक इस्तेमाल करना चाहते हैं
- ऐसे लोग जो सेकंड-हैंड वाहन खरीदते हैं, जो पहले उत्तराखंड के बाहर पंजीकृत था
यह टैक्स Regional Transport Office (RTO) में जमा किया जाता है। वाहन की श्रेणी और प्रकार के आधार पर यह टैक्स एकमुश्त या कुछ मामलों में सालाना नवीनीकरण के रूप में लिया जाता है।
उत्तराखंड में रोड टैक्स की गणना कैसे होती है?
उत्तराखंड में रोड टैक्स की गणना कई अहम कारकों के आधार पर की जाती है, जो यह तय करते हैं कि पंजीकरण के समय आपको कितना टैक्स देना होगा:
- वाहन का प्रकार (दो-पहिया, चार-पहिया, व्यावसायिक, EV आदि)
- ईंधन का प्रकार (पेट्रोल, डीज़ल या इलेक्ट्रिक)
- वाहन की क़ीमत (एक्स-शोरूम मूल्य)
- वाहन के उपयोग का उद्देश्य (निजी या व्यावसायिक)
- वाहन की उम्र (पुराने वाहन के दोबारा पंजीकरण के मामले में)
नए वाहनों के लिए टैक्स आम तौर पर एक्स-शोरूम क़ीमत का एक निश्चित प्रतिशत होता है। वहीं, किसी दूसरे राज्य से लाए गए वाहन के लिए टैक्स उसकी घटती हुई क़ीमत यानी depreciated value के आधार पर तय किया जाता है।
उदाहरण:
अगर आप ₹8,00,000 की पेट्रोल कार खरीदते हैं और उस पर लागू टैक्स दर 6% है, तो आपका रोड टैक्स ₹48,000 होगा, जिसे आपको पंजीकरण के समय जमा करना पड़ेगा।
उत्तराखंड में रोड टैक्स की दरें
निजी दो-पहिया वाहन
| एक्स-शोरूम क़ीमत | एकमुश्त टैक्स (15 वर्ष) | वार्षिक अतिरिक्त टैक्स |
| ₹10 लाख तक | वाहन लागत का 6% | ₹200 प्रति वर्ष |
| ₹10 लाख से अधिक | वाहन लागत का 8% | ₹200 प्रति वर्ष |
निजी चार-पहिया वाहन
| एक्स-शोरूम क़ीमत | एकमुश्त टैक्स (15 वर्ष) | वार्षिक अतिरिक्त टैक्स |
| ₹10 लाख तक | वाहन लागत का 6% | ₹1,000 प्रति वर्ष |
| ₹10 लाख से अधिक | वाहन लागत का 8% | ₹2,000 (≤ 5,000 kg GVW); ₹4,000 (> 5,000 kg GVW) |
इलेक्ट्रिक वाहन
इलेक्ट्रिक वाहनों को पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी राहत दी गई है। उत्तराखंड में EVs को पाँच वर्षों तक रोड टैक्स से पूरी तरह छूट दी गई है। यह छूट 2025 में उत्तराखंड कैबिनेट द्वारा समर्थित योजनाओं के तहत आगे भी लागू है।
महत्वपूर्ण जानकारी
उत्तराखंड में निजी वाहनों पर रोड टैक्स एकमुश्त लिया जाता है, जो एक्स-शोरूम क़ीमत के प्रतिशत के रूप में तय होता है। यह टैक्स 15 वर्षों के लिए होता है और इसमें वाहन के सामान्य उपयोग से होने वाले घिसाव-क्षय को भी शामिल किया जाता है।
दूसरे राज्य से लाए गए वाहन के मामले में टैक्स घटती हुई क़ीमत पर आधारित होता है, जहाँ प्रति वर्ष 7% depreciation लागू होता है, जिसकी अधिकतम सीमा 21% तक है।
उत्तराखंड में रोड टैक्स कैसे जमा करें?
उत्तराखंड में रोड टैक्स आप अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफ़लाइन, दोनों तरीकों से जमा कर सकते हैं।
ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया:
- Parivahan पोर्टल पर जाएँ और राज्य के रूप में उत्तराखंड चुनें
- वाहन से जुड़ी सेवाओं में जाकर “Pay Road Tax” विकल्प चुनें
- अपने वाहन का विवरण भरें (पंजीकरण नंबर, चेसिस नंबर आदि)
- सिस्टम द्वारा गणना किए गए टैक्स को जाँचें और net banking, UPI या कार्ड से भुगतान करें
- भविष्य के लिए रसीद डाउनलोड कर सुरक्षित रखें
ऑफ़लाइन तरीका:
- अपने नज़दीकी RTO कार्यालय जाएँ
- साथ में पंजीकरण प्रमाणपत्र, बीमा काग़ज़ात, पता प्रमाण और पहचान पत्र लेकर जाएँ
- नकद या demand draft के ज़रिए भुगतान करें और रसीद प्राप्त करें
उत्तराखंड में रोड टैक्स न देने पर जुर्माना
उत्तराखंड में रोड टैक्स समय पर न देने पर सख़्ती से कार्रवाई की जाती है। टैक्स में देरी होने पर ₹500 का तय जुर्माना लगाया जाता है। अगर देरी जारी रहती है, तो यह जुर्माना बढ़कर ₹1,000 हो जाता है। लंबे समय तक टैक्स न चुकाने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है, जैसे वाहन ज़ब्त किया जाना या पंजीकरण नवीनीकरण से इनकार।
उत्तराखंड में रोड टैक्स रिफ़ंड
नीचे दी गई परिस्थितियों में आप उत्तराखंड में रोड टैक्स की वापसी (refund) के लिए आवेदन कर सकते हैं:
- वाहन का स्थायी रूप से किसी अन्य राज्य में स्थानांतरण
- वाहन का scrapping या दुर्घटना के कारण de-registration
- टैक्स का दो बार या ग़लत भुगतान
रिफ़ंड के लिए अपने RTO में नीचे दिए गए दस्तावेज़ जमा करें:
- रोड टैक्स भुगतान की मूल रसीद
- RC की प्रति
- स्थानांतरण या de-registration का प्रमाण
- पता और पहचान प्रमाण
नोट: दस्तावेज़ों की जाँच के बाद रिफ़ंड प्रक्रिया पूरी की जाती है, जिसमें आम तौर पर 30–60 दिन लग सकते हैं।
उत्तराखंड के RTO कार्यालय और संपर्क विवरण
नीचे राज्य के कुछ प्रमुख RTO कार्यालयों की सूची दी गई है। रोड टैक्स भुगतान, पंजीकरण, NOC या फिटनेस प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं के लिए आप अपने नज़दीकी RTO जा सकते हैं:
| शहर / क्षेत्र | RTO कोड |
| Dehradun | UK-07 |
| Haridwar | UK-08 |
| Haldwani (Nainital) | UK-04 |
| Roorkee | UK-17 |
| Rudrapur (Udham Singh Nagar) | UK-06 |
अपने क्षेत्र का RTO ढूँढने के लिए आप उत्तराखंड के RTO वाहन विवरण की पूरी सूची भी देख सकते हैं।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में रोड टैक्स को समझना और समय पर चुकाना सिर्फ़ नियमों का पालन नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का तरीक़ा है कि आपका वाहन स्वामित्व पूरी तरह वैध है। टैक्स स्लैब, भुगतान के तरीक़े और रिफ़ंड की पात्रता जितनी अच्छी तरह समझेंगे, आपका अनुभव उतना ही आसान होगा। अगर आपको वाहन दस्तावेज़, ट्रांसफ़र या दोबारा पंजीकरण में मदद चाहिए, तो CARS24 आपके लिए यह प्रक्रिया सरल बना सकता है।
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