

मध्यप्रदेश में रोड टैक्स 2026 – गाड़ी खरीदने से पहले कितना और क्यों देना पड़ता है?
- 12026 में MP रोड टैक्स नियम — जानें कितना और क्यों देना होगा
- 2नई, पुरानी या बाहर की गाड़ी? अलग-अलग टैक्स नियम समझें आसान भाषा में
- 3जुर्माने से बचना है? रोड टैक्स, रजिस्ट्रेशन और रिफंड की पूरी गाइड पढ़ें
- आखिर रोड टैक्स है क्या और क्यों देना पड़ता है?
- “क्या मुझे भी रोड टैक्स देना होगा?”
- रोड टैक्स कैसे तय होता है? (लोगों का सबसे बड़ा सवाल)
- “मध्यप्रदेश में कार का रोड टैक्स कितना है?” – तिमाही दरें
- सेकंड हैंड कार पर टैक्स कैसे लगता है?
- व्यावसायिक वाहन पर टैक्स अलग कैसे होता है?
- रोड टैक्स कैसे भरें? (आसान तरीका)
- अगर रोड टैक्स नहीं भरा तो?
- क्या रोड टैक्स का रिफंड मिल सकता है?
- मध्यप्रदेश के प्रमुख आरटीओ कोड
- आखिर में मेरी सलाह
मध्यप्रदेश में रोड टैक्स वाहन के प्रकार, वजन, कीमत और उपयोग के आधार पर तय होता है। नई या पुरानी गाड़ी रजिस्टर कराने, या एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थायी ट्रांसफर करने पर यह टैक्स देना अनिवार्य है, अन्यथा जुर्माना और ब्याज दोनों लगते हैं।
2026 में मध्यप्रदेश में वाहन रजिस्ट्रेशन और टैक्स प्रणाली पूरी तरह डिजिटल निगरानी से जुड़ चुकी है। परिवहन विभाग के आँकड़ों के अनुसार, हर साल हजारों मामलों में देरी से टैक्स भुगतान पर ब्याज और जुर्माना जोड़ा जाता है — और अधिकतर लोग यह इसलिए भरते हैं क्योंकि उन्हें नियम ठीक से पता नहीं होते। मैंने खुद कई खरीदारों से बात की है जिन्हें गाड़ी की ऑन-रोड कीमत तो पता थी, लेकिन यह नहीं पता था कि दूसरे राज्य से लाने पर अलग से रोड टैक्स देना पड़ेगा।
अगर आप नई कार खरीदने जा रहे हैं, सेकंड हैंड गाड़ी अपने नाम करा रहे हैं, या किसी दूसरे राज्य से मध्यप्रदेश में शिफ्ट हुए हैं — तो यह लेख आपके लिए बेहद ज़रूरी है। आगे हम आसान भाषा में समझेंगे कि रोड टैक्स कैसे तय होता है, कितना लगता है, कैसे भरा जाता है, और किन गलतियों से बचना चाहिए ताकि भविष्य में कोई कानूनी परेशानी न हो।
आखिर रोड टैक्स है क्या और क्यों देना पड़ता है?
सरल शब्दों में —
जब आप सड़क का इस्तेमाल करते हैं, तो उसके रखरखाव और विकास के लिए सरकार टैक्स लेती है। इसे ही रोड टैक्स कहते हैं।
यह एक बार की औपचारिकता नहीं, बल्कि कानूनी ज़िम्मेदारी है। बिना रोड टैक्स के आपका वाहन पूरी तरह वैध नहीं माना जाता।
“क्या मुझे भी रोड टैक्स देना होगा?”
अगर आप इन तीन स्थितियों में आते हैं, तो जवाब है — हाँ।
- आपने नई गाड़ी खरीदी है
- आपने सेकंड हैंड वाहन अपने नाम कराया है
- आप एक राज्य से दूसरे राज्य में आकर मध्यप्रदेश में बस गए हैं
12 महीने से ज़्यादा बाहर की गाड़ी चला रहे हैं?
अगर आपकी गाड़ी किसी दूसरे राज्य में रजिस्टर्ड है और आप उसे 12 महीने से ज़्यादा मध्यप्रदेश में चला रहे हैं, तो:
- री-रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है
- स्थानीय रोड टैक्स देना अनिवार्य है
यह नियम अब सख्ती से लागू हो रहा है।
रोड टैक्स कैसे तय होता है? (लोगों का सबसे बड़ा सवाल)
बहुत लोग सोचते हैं कि हर कार पर एक जैसा टैक्स लगता है। ऐसा नहीं है। रोड टैक्स तय करते समय ये बातें देखी जाती हैं:
- गाड़ी दोपहिया है या चारपहिया
- गाड़ी की एक्स-शोरूम कीमत
- ईंधन का प्रकार
- इंजन क्षमता
- निजी या व्यावसायिक उपयोग
- गाड़ी नई है या पुरानी
मतलब, जितनी महंगी और भारी गाड़ी, उतना ज़्यादा टैक्स।
“मध्यप्रदेश में कार का रोड टैक्स कितना है?” – तिमाही दरें
मध्यप्रदेश में रोड टैक्स तिमाही आधार पर लिया जाता है और यह वाहन के वजन के अनुसार तय होता है।
| वाहन का प्रकार | श्रेणी | टैक्स (₹/Quarter) |
| टू-व्हीलर | 70 किग्रा तक | ₹18 |
| 70 किग्रा से अधिक | ₹28 | |
| फोर-व्हीलर | 800 किग्रा तक | ₹64 |
| 801–1,600 किग्रा | ₹94 | |
| 1,601–2,400 किग्रा | ₹112 | |
| 2,401–3,200 किग्रा | ₹132 | |
| 3,200 किग्रा से अधिक | ₹150 | |
| इलेक्ट्रिक वाहन | सभी प्रकार | Exempted |
सेकंड हैंड कार पर टैक्स कैसे लगता है?
यहाँ कई लोग भ्रमित हो जाते हैं। मध्यप्रदेश में पुरानी गाड़ी पर भी वही टैक्स दर लागू होती है जो नई गाड़ी पर है। अलग से कोई बड़ी छूट नहीं मिलती। मेरी सलाह क्या है? - अगर आप पुरानी कार खरीद रहे हैं, तो पहले यह जाँच लें:
- पिछले मालिक ने रोड टैक्स पूरा भरा है या नहीं
- कोई बकाया तो नहीं है
- आरसी ट्रांसफर सही तरीके से हो रहा है या नहीं
क्योंकि बकाया टैक्स अक्सर नए मालिक को चुकाना पड़ता है।
व्यावसायिक वाहन पर टैक्स अलग कैसे होता है?
अगर वाहन टैक्सी, बस या ट्रक के रूप में इस्तेमाल हो रहा है, तो टैक्स:
- सीटिंग क्षमता
- माल ढुलाई क्षमता
के आधार पर तय होता है। निजी वाहन और व्यावसायिक वाहन की दरें अलग होती हैं।
रोड टैक्स कैसे भरें? (आसान तरीका)
अब प्रक्रिया पहले से काफी सरल हो चुकी है।
ऑनलाइन तरीका (सबसे आसान)
- वाहन पोर्टल पर जाएँ
- “Pay Your Tax” विकल्प चुनें
- मध्यप्रदेश चुनें
- वाहन नंबर दर्ज करें
- जानकारी सत्यापित करें
- यूपीआई, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग से भुगतान करें
- रसीद डाउनलोड कर सुरक्षित रखें
मैं हमेशा कहता हूँ — डिजिटल रसीद संभालकर रखें, आगे चलकर बहुत काम आती है।
ऑफलाइन तरीका
अगर आप सीधे कार्यालय जाकर काम करना चाहते हैं:
- क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय जाएँ
- फॉर्म 20 भरें
- ये दस्तावेज़ जमा करें:
- आरसी
- बीमा
- प्रदूषण प्रमाणपत्र
- पता प्रमाण
- वाहन इनवॉइस
- राशि जमा करें
- स्टैम्प की हुई रसीद लें
अगर रोड टैक्स नहीं भरा तो?
यह हिस्सा हल्के में मत लीजिए।
- ₹5,000 तक जुर्माना
- 4% तक ब्याज हर तिमाही
- वाहन जब्त भी हो सकता है
- रजिस्ट्रेशन निलंबित हो सकता है
समय पर भुगतान हमेशा सस्ता पड़ता है।
क्या रोड टैक्स का रिफंड मिल सकता है?
हाँ, लेकिन कुछ शर्तों पर। रिफंड मिल सकता है अगर:
- गाड़ी बेच दी गई है
- गाड़ी स्क्रैप हो गई है
- दूसरे राज्य में स्थायी ट्रांसफर हो गया है
- अतिरिक्त भुगतान हो गया है
इसके लिए आपको चाहिए:
- आवेदन पत्र
- मूल टैक्स रसीद
- पहचान और पता प्रमाण
- ट्रांसफर या कैंसिलेशन का प्रमाण
प्रक्रिया आमतौर पर 30–60 कार्य दिवस लेती है।
मध्यप्रदेश के प्रमुख आरटीओ कोड
| शहर | RTO कोड |
| भोपाल | MP-04 |
| इंदौर | MP-09 |
| ग्वालियर | MP-07 |
| जबलपुर | MP-20 |
| उज्जैन | MP-13 |
पूरी सूची देखने के लिए:
मध्य प्रदेश आरटीओ वाहन विवरण (RTO Vehicle Details in Madhya Pradesh) पर जाएँ।
आखिर में मेरी सलाह
गाड़ी खरीदना खुशी की बात है, लेकिन कागज़ी प्रक्रिया सही न हो तो वही खुशी परेशानी बन सकती है।
रोड टैक्स:
- समय पर भरें
- रसीद सुरक्षित रखें
- ट्रांसफर से पहले बकाया जाँच लें
2026 में सब कुछ डिजिटल हो चुका है। साफ़ रिकॉर्ड न सिर्फ आपको जुर्माने से बचाता है, बल्कि भविष्य में गाड़ी बेचने पर बेहतर मूल्य भी दिलाता है। अगर आप समझदारी से योजना बनाएँगे, तो वाहन स्वामित्व का अनुभव बिल्कुल आसान और तनावमुक्त रहेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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