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What is HSRP Number Plate & How to Apply for a High Security Plate
What is HSRP Number Plate & How to Apply for a High Security Plate

हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) क्या होती है और कैसे अप्लाई करें?

15 Nov 2025
Key highlights
  • 1
    HSRP प्लेट्स वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाती हैं
  • 2
    चाहे कार हो या बाइक, HSRP नंबर प्लेट लगवाना अब सभी के लिए ज़रूरी है।
  • 3
    नई गाड़ियों की कीमत में HSRP प्लेट का खर्च शामिल होता है
आउटलाइन

भारत में अप्रैल 2019 से नई गाड़ियों पर HSRP यानी High Security Registration Plate लगाना अनिवार्य कर दिया गया था। शुरू में यह नियम सिर्फ़ नई गाड़ियों के लिए था, लेकिन अब सरकार ने इसे पुरानी गाड़ियों पर भी लागू कर दिया है। मतलब, अब किसी भी गाड़ी को बिना HSRP नंबर प्लेट के सड़क पर चलाना कानूनी अपराध है। अगर आप ऐसा करते हैं, तो ट्रैफिक पुलिस आपको ₹10,000 तक का जुर्माना लगा सकती है। 

 

बहुत से लोगों को यह समझना थोड़ा मुश्किल लगता है कि HSRP नंबर प्लेट होती क्या है, इसकी ज़रूरत क्यों है और इसे कैसे प्राप्त किया जा सकता है। इस लेख में हम आपको आसान भाषा में बताएंगे कि HSRP नंबर प्लेट क्या है, इसकी विशेषताएँ क्या हैं और इसे कैसे अप्लाई करना है।

 

HSRP नंबर प्लेट क्या है?

 

HSRP (High Security Registration Plate) एक मानकीकृत (standardised) नंबर प्लेट है जिसे भारत में सभी मोटर वाहनों के लिए बनाया गया है। यह मुख्यतः एल्युमिनियम (aluminium) से बनी होती है और इसे गाड़ी पर ऐसे स्नैप लॉक स्क्रूज़ (Snap Locks) से लगाया जाता है जिन्हें बिना तोड़े हटाया नहीं जा सकता।

 

हर HSRP नंबर प्लेट पर निम्न जानकारी होती है —

 

  • गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर 
  • बाईं ओर ‘IND’ का कोड (भारत का अंतरराष्ट्रीय कोड) 
  • नीचे दाईं ओर लेज़र से उकेरा गया यूनिक सीरियल नंबर (हर गाड़ी के आगे और पीछे की प्लेट पर अलग होता है) 
  • ऊपर बाईं ओर Ashok Chakra का होलोग्राम (Chromium आधारित सुरक्षा चिन्ह)
     

अब गाड़ियों में केवल दो नहीं, बल्कि तीन नंबर प्लेट होती हैं —

 

  1. आगे की HSRP,
     
  2. पीछे की HSRP, और
     
  3. एक कलर कोडेड विंडशील्ड स्टिकर, जो गाड़ी की जानकारी जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर, सीरियल नंबर और रजिस्ट्रेशन की तारीख दर्शाता है।
     

यह स्टिकर गाड़ी की फ्रंट विंडशील्ड पर चिपकाया जाता है और यह भी HSRP का ही हिस्सा है।

 

HSRP नंबर प्लेट की विशेषताएँ

 

1. रिफ्लेक्टिव मटेरियल (Reflective Material)

 

HSRP प्लेट्स रिफ्लेक्टिव होती हैं, जिससे रात में गाड़ियाँ ज़्यादा दिखाई देती हैं और दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है।

 

  • निजी पेट्रोल/डीज़ल कारों के लिए – सफेद प्लेट 
  • इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए – हरी प्लेट 
  • टैक्सी या कमर्शियल वाहनों के लिए – पीली प्लेट
     

यह रिफ्लेक्टिव सतह ट्रैफिक कैमरों को नंबर प्लेट पढ़ने में भी मदद करती है, खासकर रात में।

 

2. मानकीकृत फॉन्ट (Standardised Fonts)

 

HSRP number plate standardised font

 

HSRP नंबर प्लेट्स में एक ही तरह का फॉन्ट इस्तेमाल किया जाता है। इससे न केवल ट्रैफिक कैमरों के लिए नंबर पढ़ना आसान होता है, बल्कि हर गाड़ी की पहचान में भी एकरूपता आती है। पहले लोग स्थानीय भाषाओं के अक्षरों का प्रयोग करते थे, जिससे नंबर प्लेट पढ़ना कठिन होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है।

 

3. सुरक्षा फीचर्स (Security Features)

 

HSRP की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुरक्षा है। पहले गाड़ियों की चोरी के बाद चोर आसानी से नंबर प्लेट बदल देते थे। लेकिन अब, हर HSRP पर एक लेज़र-etched यूनिक सीरियल नंबर और Ashok Chakra का होलोग्राम होता है, जो इसे नकली बनाना लगभग असंभव कर देता है।

 

अब सरकार ने HSRP में एक और आधुनिक फीचर जोड़ा है —RFID टैग (Radio Frequency Identification)। इस टैग में गाड़ी की जरूरी जानकारी डिजिटल रूप से स्टोर होती है, जिसे टोल बूथ और ट्रैफिक सिस्टम्स आसानी से स्कैन कर सकते हैं।

 

HSRP नंबर प्लेट क्यों ज़रूरी है?

 

  • यह चोरी रोकने में मदद करती है। 
  • सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक मॉनिटरिंग को बेहतर बनाती है। 
  • हर राज्य में नंबर प्लेट का एक समान डिज़ाइन बनाए रखती है। 
  • कानून के अनुसार अब यह हर वाहन पर अनिवार्य है।
     

HSRP नंबर प्लेट क्यों ज़रूरी है और इसे ऑनलाइन कैसे अप्लाई करें?

 

HSRP यानी High Security Registration Plate सिर्फ़ एक नियम नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और वाहन पहचान प्रणाली का एक अहम हिस्सा है। अगर आपने अब तक अपनी गाड़ी पर HSRP नहीं लगवाई है, तो इसे जल्द से जल्द करवाना ज़रूरी है — क्योंकि अब बिना HSRP के गाड़ी चलाना कानूनी अपराध है और ₹10,000 तक का चालान लग सकता है।

 

HSRP नंबर प्लेट क्यों ज़रूरी है?

 

जैसा कि आप पहले पढ़ चुके हैं, HSRP प्लेट्स कई वजहों से बेहद महत्वपूर्ण हैं —

 

  1. एकरूपता (Standardisation) – पूरे देश में गाड़ियों के नंबर प्लेट का फॉर्मेट एक जैसा बनता है, जिससे पुलिस या ट्रैफिक कैमरे आसानी से गाड़ियों की पहचान कर पाते हैं।
     
  2. सड़क सुरक्षा (Safety) – HSRP प्लेट्स पर इस्तेमाल होने वाला रिफ्लेक्टिव मटेरियल रात में गाड़ियों को साफ़ दिखाता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है।
     
  3. सुरक्षा (Security) – इसमें मौजूद RFID टैग और लेज़र कोड से वाहन की ट्रैकिंग संभव होती है और चोरी के मामलों में मदद मिलती है।
     
  4. फ्रॉड रोकथाम (Anti-Theft) – हर प्लेट पर यूनिक सीरियल नंबर और Ashok Chakra का होलोग्राम होता है, जिससे इसे नकली बनाना लगभग असंभव हो जाता है।
     

HSRP के लिए ज़रूरी दस्तावेज़

 

HSRP अप्लाई करने के लिए आपको केवल एक दस्तावेज़ की आवश्यकता होती है —

 

  • वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)
     

आपकी RC में इंजन नंबर, चेसिस नंबर, और वाहन मॉडल जैसी जानकारी होती है, जो आवेदन के लिए अनिवार्य है।

 

HSRP नंबर प्लेट के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

 

अगर आपने नई कार खरीदी है, तो आपको अलग से कुछ नहीं करना पड़ता। डीलरशिप आपके वाहन के लिए HSRP का आवेदन खुद करती है और डिलीवरी से पहले प्लेट लगाकर देती है। हालांकि, अगर आप अपनी पुरानी गाड़ी पर HSRP लगवाना चाहते हैं, या आपकी पुरानी प्लेट खराब हो गई है, तो आप इसे सरकार द्वारा अधिकृत पोर्टल्स से ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं।

 

1. IndiaHSRP पोर्टल से आवेदन करने का तरीका

 

IndiaHSRP

 

यह सबसे लोकप्रिय वेबसाइटों में से एक है, जो भारत के सभी 36 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए HSRP बुकिंग की सुविधा देती है।

 

स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया:

 

  1. IndiaHSRP वेबसाइट पर जाएं।
     
  2. ‘Order HSRP’ पर क्लिक करें।
     
  3. अपनी व्यक्तिगत जानकारी (नाम, मोबाइल नंबर, पता आदि) भरें और ‘Next Step’ पर क्लिक करें।
     
  4. अगली स्क्रीन पर अपनी वाहन जानकारी भरें — जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर, चेसिस नंबर, वाहन मॉडल, फ्यूल टाइप और निर्माण वर्ष।
     
  5. अपनी RC की डिजिटल कॉपी अपलोड करें और ‘Next Step’ पर क्लिक करें।
     
  6. अगली स्क्रीन पर HSRP की क़ीमत और आपकी जानकारी का प्रीव्यू दिखाई देगा।
     
  7. सभी विवरण चेक करें और ‘Proceed Payment’ पर क्लिक करें।
     
  8. भुगतान करने के बाद आपका ऑर्डर कन्फर्म हो जाएगा।
     
  9. आप अपने ऑर्डर की स्थिति वेबसाइट के होमपेज से ट्रैक कर सकते हैं।
     

2. Book-My-HSRP पोर्टल से आवेदन करने का तरीका

 

Book-My-HSRP

 

यह वेबसाइट फिलहाल 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में HSRP सुविधा देती है — जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, और पश्चिम बंगाल।

 

स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया:

 

  1. Book-My-HSRP वेबसाइट पर जाएं।
     
  2. होमपेज पर ‘High Security Registration Plate with Colour Sticker’ विकल्प चुनें और ‘Book’ पर क्लिक करें।
     
  3. अगली स्क्रीन पर अपना राज्य, वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर, और कैप्चा कोड भरें।
     
  4. अब अपना फिटमेंट लोकेशन (जहाँ प्लेट लगवानी है) और अपॉइंटमेंट स्लॉट चुनें।
     
  5. अपनी जानकारी वेरिफाई करें और ऑनलाइन भुगतान करें।
     
  6. भुगतान के बाद आपको रसीद (Receipt) मिल जाएगी, जिससे आप अपने ऑर्डर को ट्रैक कर सकते हैं।
     

महत्वपूर्ण बातें जो आपको याद रखनी चाहिए

 

  • नई गाड़ियों की कीमत में HSRP की लागत पहले से शामिल होती है — डीलरशिप इसे अलग से चार्ज नहीं कर सकती।
     
  • पुराने वाहनों के लिए, हमेशा अधिकृत पोर्टल या RTO वेबसाइट से ही ऑर्डर करें।
     
  • आपकी HSRP में एक RFID टैग और कलर-कोडेड स्टिकर भी शामिल होता है, जो वाहन की असली पहचान साबित करता है।
     

HSRP नंबर प्लेट कैसे लगवाएं और इससे जुड़ी ज़रूरी जानकारी

 

अगर आपने हाल ही में अपनी गाड़ी के लिए HSRP (High Security Registration Plate) ऑर्डर की है या लगवाने की सोच रहे हैं, तो यह जानना ज़रूरी है कि इसे कैसे इंस्टॉल करवाया जाए, कितना समय लगता है, और कितना खर्च आता है। साथ ही, यह भी समझना ज़रूरी है कि अगर आपने HSRP नहीं लगवाई, तो इसके लिए क्या जुर्माना लग सकता है।

 

HSRP नंबर प्लेट कैसे लगती है?

 

सुरक्षा कारणों से HSRP प्लेट को आपकी गाड़ी पर रिवेट्स (Rivets) से लगाया जाता है, स्क्रूज़ से नहीं। रिवेट्स एक बार लगाने के बाद निकाले नहीं जा सकते — अगर इन्हें हटाया जाए, तो नई रिवेट्स का इस्तेमाल करना पड़ता है। इसलिए, HSRP हमेशा अधिकृत फिटमेंट सेंटर या डीलरशिप से ही लगवाएं।

 

  • नई गाड़ियों में, डीलर खुद HSRP इंस्टॉल करता है।
     
  • पुरानी गाड़ियों के लिए, जब आप ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं, तो फिटमेंट सेंटर में जाकर HSRP लगवानी होती है।
     

सलाह:


घर पर HSRP लगाने की कोशिश न करें — ऐसा करने से नंबर प्लेट या गाड़ी दोनों को नुकसान पहुंच सकता है।

 

HSRP लगवाने में कितना समय लगता है?

 

एक बार ऑर्डर देने के बाद, प्रक्रिया कुछ इस तरह होती है:

 

  • 3 से 5 दिन: नंबर प्लेट बनने में लगते हैं।
     
  • 5 से 7 दिन: प्लेट आपके फिटमेंट लोकेशन पर पहुंचती है।
     
  • 5 से 10 मिनट: प्लेट को गाड़ी पर लगाने में लगते हैं।
     

कुल मिलाकर:
पूरी प्रक्रिया में लगभग 10 से 15 दिन लगते हैं — ऑर्डर करने से लेकर गाड़ी पर प्लेट लगने तक।

 

HSRP नंबर प्लेट की कीमत कितनी है?

 

What is the cost of getting an HSRP number plate

 

नई गाड़ियों में HSRP की कीमत गाड़ी के ऑन-रोड प्राइस में शामिल होती है। लेकिन पुरानी गाड़ियों के लिए, HSRP का शुल्क आपको अलग से देना पड़ता है। कीमतें राज्य और वाहन के प्रकार के अनुसार अलग-अलग होती हैं —

 

वाहन का प्रकारअनुमानित शुल्क
दोपहिया वाहन₹300 – ₹400
तीनपहिया वाहन₹400 – ₹600
चारपहिया वाहन₹1,000 – ₹1,100 (आमतौर पर)

 

कुछ पोर्टल्स डिलीवरी चार्ज भी लेते हैं, जो ₹100–₹200 तक हो सकता है।
यदि आप VIP या Fancy नंबर लेना चाहते हैं, तो यह शुल्क अतिरिक्त होगा।

 

HSRP न होने पर जुर्माना (Penalty)

 

भले ही केंद्र सरकार ने इसे पूरे भारत में अनिवार्य किया है, लेकिन जुर्माने की राशि राज्य दर राज्य अलग होती है। कुछ राज्यों ने इस नियम को सख़्ती से लागू किया है, जबकि कुछ में यह प्रक्रिया धीरे-धीरे हो रही है।

 

राज्यअनुमानित जुर्माना
कर्नाटक₹500 – ₹1,000
उत्तर प्रदेश₹5,000 – ₹10,000
दिल्ली / महाराष्ट्र₹2,000 – ₹5,000

 

जैसे-जैसे सरकारें पुराने वाहनों के लिए HSRP को अनिवार्य बना रही हैं, वैसे-वैसे बिना HSRP गाड़ी चलाने पर चालान लगना तय है।

 

किन वाहनों को HSRP से छूट मिली है?

 

HSRP नियम लगभग हर गाड़ी पर लागू होता है — चाहे वह निजी हो या व्यावसायिक। लेकिन कुछ मामलों में छूट दी गई है:

 

  • विंटेज (Vintage) और क्लासिक कारें 
  • कृषि मशीनरी, जैसे ट्रैक्टर या हार्वेस्टर (यह RTO के विवेक पर निर्भर करता है)
     

बाकी सभी गाड़ियों पर — कार, बाइक, बस, ट्रक, टैक्सी — HSRP अनिवार्य है।

 

HSRP से जुड़ी आम गलतफहमियाँ

 

  1. सिर्फ़ ‘IND’ लिखा होना HSRP नहीं है:
    बाज़ार में कई प्लेट्स HSRP जैसी दिखती हैं लेकिन असली नहीं होतीं। असली प्लेट में लेज़र कोड, RFID टैग और होलोग्राम होते हैं।

     
  2. HSRP से आपकी लोकेशन ट्रैक नहीं होती:
    इसमें GPS नहीं, बल्कि RFID टैग होता है जो टोल बूथ्स पर स्कैन किया जाता है।

     
  3. नई गाड़ियों के लिए अलग से पैसा नहीं देना पड़ता:
    HSRP की कीमत नई गाड़ी के साथ पहले से शामिल होती है — डीलर अतिरिक्त चार्ज नहीं मांग सकता।
     

निष्कर्ष

 

HSRP नंबर प्लेट सिर्फ़ एक कानून नहीं, बल्कि आपकी गाड़ी की पहचान और सुरक्षा का प्रतीक है। यह न केवल चोरी से बचाव करती है, बल्कि रात में सड़क सुरक्षा भी बढ़ाती है और वाहन डेटाबेस को केंद्रीकृत करती है। पुरानी गाड़ियों के मालिकों के लिए यह एक बार की प्रक्रिया है, और इसे लगवाना बेहद आसान है। अगर आप अपनी गाड़ी को यूनिक बनाना चाहते हैं, तो VIP नंबर प्लेट चुन सकते हैं, लेकिन HSRP लगवाना अब कानूनी रूप से ज़रूरी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सभी को बड़ा करें
Q1. क्या मेरी HSRP घर पर डिलीवर होगी?
Q2. HSRP नंबर प्लेट क्या होती है?
Q3. HSRP भारत में कब लागू हुई थी?
Q4. HSRP कहां बुक कर सकते हैं?
Q5. HSRP कौन बनाता है?
Q6. HSRP क्यों जरूरी है?
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