

Hyundai Grand i10 का सफर: लॉन्च से अब तक कितना बदली यह कार
- 12007 में Hyundai ने अपनी कॉम्पैक्ट हैचबैक i10 को पहली बार भारतीय बाज़ार में उतारा था
- 2भारतीय बाज़ार में Grand i10 Nios अब अपने थर्ड-जेनरेशन वर्ज़न में उपलब्ध है
- 3Hyundai Grand i10 का प्राइस रेंज ₹5.98 लाख से ₹8.62 लाख है (एक्स-शोरूम दिल्ली)
यह कहना ग़लत नहीं होगा कि आज भारत में Hyundai जिन सबसे भरोसेमंद और सफल कार निर्माताओं में गिनी जाती है, उसमें उसकी Grand i10 हैचबैक की बड़ी भूमिका रही है। साल 2007 से लेकर अब तक, कोरियन कंपनी की यह कॉम्पैक्ट हैचबैक लाखों भारतीय घरों तक पहुँच चुकी है और Grand i10 का फ़ॉर्मूला आज भी उतना ही कारगर साबित हो रहा है।
इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि यह कार समय के साथ बदली नहीं। इसके उलट, Grand i10 और बाद में आई Grand i10 Nios लगातार नए अपडेट्स, सुधार और फीचर्स के साथ आगे बढ़ती रही है, ताकि भारत के बढ़ते मध्यम वर्ग की ज़रूरतों पर खरी उतर सके। इस गाइड में हम समझेंगे कि कैसे यह कॉम्पैक्ट हैचबैक एक ऐसे सेगमेंट में लगातार अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रही है, जहाँ प्रतिस्पर्धा हर साल और कड़ी होती गई।Hyundai की इस लोकप्रिय कार पर चर्चा और अपडेट्स के लिए CARS24 की आधिकारिक ऑटो कम्युनिटी AUTOVERSE से जुड़ना न भूलें।
2007 में पहली पीढ़ी की Hyundai i10 की शुरुआत

Hyundai i10 की कहानी की शुरुआत साल 2007 में हुई, जब भारतीय ऑटोमोबाइल बाज़ार बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ा था।
लॉन्च का साल और प्रमुख विशिष्टताएँ
Hyundai ने नवंबर 2007 में i10 को एक कॉम्पैक्ट हैचबैक के रूप में पेश किया, जिसे ख़ास तौर पर भारतीय बाज़ार के लिए डिज़ाइन किया गया था, हालांकि बाद में इसे वैश्विक बाज़ारों में भी निर्यात किया गया। इसमें 1.1-लीटर iRDE पेट्रोल इंजन दिया गया था, जो पावर और माइलेज के बीच संतुलन बनाता था।
कार के साथ 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स स्टैंडर्ड था और साथ ही 4-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का विकल्प भी दिया गया, जिससे यह कार अलग-अलग तरह के ख़रीदारों तक पहुँच सकी।
शुरुआती डिज़ाइन सोच और लक्षित ग्राहक
i10 को शहरी उपयोगकर्ताओं की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था। इसका छोटा आकार होने के बावजूद केबिन काफ़ी खुला-खुला और आरामदायक था। Tall-boy डिज़ाइन, जो उस समय भारतीय ग्राहकों के बीच काफ़ी लोकप्रिय था, बेहतर हेडरूम और गाड़ी में चढ़ने-उतरने में आसानी देता था।
Hyundai ने इसे पहली बार कार ख़रीदने वालों, छोटे परिवारों और Maruti Suzuki 800 या Alto जैसी एंट्री-लेवल हैचबैक से अपग्रेड करने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश किया।
बिक्री का प्रदर्शन
Hyundai i10 ने लॉन्च होते ही बाज़ार में अच्छी पकड़ बना ली। इसके रिफ़ाइंड इंजन, प्रीमियम इंटीरियर और स्मूद ड्राइविंग अनुभव की ख़ूब सराहना हुई। लॉन्च के एक साल के भीतर ही i10 की बिक्री भारत में 1 लाख यूनिट्स से ज़्यादा हो गई।
इसी दौरान इसे “Indian Car of the Year 2008” जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिले, जिससे भारतीय बाज़ार में Hyundai की मज़बूत स्थिति और पुख़्ता हो गई।

2010 में Hyundai i10 का फ़ेसलिफ़्ट

लॉन्च के तीन साल बाद, Hyundai ने i10 को एक नया रूप दिया, ताकि बढ़ती प्रतिस्पर्धा वाले बाज़ार में इसकी पकड़ बनी रहे।
मुख्य बदलाव
फ़ेसलिफ़्टेड i10 में Hyundai की “Fluidic Sculpture” डिज़ाइन भाषा देखने को मिली, जिससे यह हैचबैक कंपनी की ग्लोबल डिज़ाइन पहचान के और क़रीब आ गई। इसमें नया हेक्सागोनल फ्रंट ग्रिल, बदले हुए हेडलैम्प्स और बेहतर क्वालिटी वाले इंटीरियर मटीरियल शामिल थे।
स्टाइलिंग में बदलाव
बाहरी बदलावों ने i10 को पहले से ज़्यादा स्लीक और स्पोर्टी लुक दिया, जो युवा ख़रीदारों को ख़ास तौर पर पसंद आया। अंदर की तरफ़ Hyundai ने टू-टोन डैशबोर्ड, स्टीयरिंग-माउंटेड कंट्रोल्स और इंटीग्रेटेड ऑडियो सिस्टम जैसे फ़ीचर्स जोड़े। उस समय इस सेगमेंट में ऐसे फ़ीचर्स कम ही देखने को मिलते थे।

2013 में दूसरी पीढ़ी: Grand i10 का आगमन

साल 2013 में दूसरी पीढ़ी की i10 लॉन्च हुई, जिसे भारत में Grand i10 नाम दिया गया। इसे एक प्रीमियम हैचबैक के रूप में पेश किया गया, जिसमें i10 की कॉम्पैक्ट पहचान के साथ ज़्यादा जगह और बेहतर फ़ीचर्स जोड़े गए।
मुख्य बातें
Grand i10 अपने पुराने मॉडल से आकार में बड़ी थी, जिससे केबिन स्पेस में काफ़ी सुधार हुआ। इसमें रियर AC वेंट्स, कीलेस एंट्री, कूल्ड ग्लव बॉक्स और टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम जैसे फ़ीचर्स दिए गए, जिन्होंने भारतीय हैचबैक सेगमेंट में ग्राहकों की उम्मीदों को नई दिशा दी।
इंजन विकल्प
Grand i10 के साथ Hyundai ने 1.2-लीटर Kappa पेट्रोल इंजन के अलावा 1.1-लीटर U2 VGT डीज़ल इंजन भी पेश किया। यह डीज़ल वेरिएंट उस समय बाज़ार में बढ़ती डीज़ल कारों की माँग को देखते हुए लाया गया था, क्योंकि उस दौर में डीज़ल ईंधन की क़ीमत कम थी।
ARAI के अनुसार, डीज़ल Grand i10 का माइलेज 24 kmpl था, जो इसे माइलेज पसंद करने वाले ख़रीदारों के लिए आकर्षक बनाता था।
सुरक्षा से जुड़े पहलू
Hyundai ने Grand i10 के ऊँचे वेरिएंट्स में डुअल एयरबैग्स, ABS और इम्पैक्ट-सेंसिंग डोर अनलॉक जैसे फ़ीचर्स स्टैंडर्ड दिए। यह उस सेगमेंट में काफ़ी अहम था, जहाँ लागत कम रखने के लिए अक्सर सुरक्षा से समझौता किया जाता था। इससे Hyundai की सुरक्षा को लेकर गंभीरता साफ़ झलकती है।

2019 में तीसरी पीढ़ी की शुरुआत: Grand i10 Nios

ग्राहकों की बदलती उम्मीदों और तेज़ी से विकसित होते बाज़ार को देखते हुए, Hyundai ने साल 2019 में Grand i10 की तीसरी पीढ़ी पेश की, जिसे Grand i10 Nios नाम दिया गया।
मुख्य बदलाव
डिज़ाइन और तकनीक के मामले में Grand i10 Nios अपने पुराने मॉडलों से बिल्कुल अलग नज़र आई। इसमें Hyundai की cascading grille, प्रोजेक्टर हेडलैम्प्स और LED DRLs के साथ एक आधुनिक और भविष्य की ओर इशारा करता हुआ डिज़ाइन देखने को मिला। इंटीरियर में भी बड़ा बदलाव किया गया, जहाँ ड्यूल-टोन थीम, 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम (Android Auto और Apple CarPlay सपोर्ट के साथ) और बेहतर क्वालिटी के मटीरियल्स शामिल किए गए।
प्रमुख खूबियाँ
Grand i10 Nios में सेगमेंट-फ़र्स्ट फ़ीचर्स की भरमार थी, जिनमें वायरलेस चार्जिंग, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और वॉयस रिकग्निशन जैसी सुविधाएँ शामिल थीं। इसमें BS6 मानकों के अनुरूप 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन, 1.2-लीटर डीज़ल इंजन और 5-स्पीड मैनुअल व AMT ट्रांसमिशन के विकल्प दिए गए, जिससे ग्राहकों के पास चुनने के लिए काफ़ी विकल्प मौजूद थे।
2023 में तीसरी पीढ़ी का फ़ेसलिफ़्ट

Grand i10 Nios को बाज़ार में ताज़ा और प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए Hyundai ने साल 2023 में इसका फ़ेसलिफ़्ट पेश किया, जिसमें नए फ़ीचर्स और बेहतर सुरक्षा मानकों पर ख़ास ध्यान दिया गया।
मुख्य बदलाव
2023 फ़ेसलिफ़्ट में हल्के लेकिन असरदार डिज़ाइन अपडेट किए गए। इनमें नया फ्रंट ग्रिल, बदले हुए LED DRLs और नए अलॉय व्हील्स शामिल थे। Hyundai ने नए ड्यूल-टोन रंग विकल्प भी जोड़े, जिससे यह कार युवा ख़रीदारों के लिए और आकर्षक बन गई। इंटीरियर में बड़े इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay, और अतिरिक्त एम्बिएंट लाइटिंग जैसी सुविधाएँ दी गईं।
सुरक्षा से जुड़े फ़ीचर्स
सुरक्षा Hyundai की प्राथमिकता बनी रही। 2023 Grand i10 Nios फ़ेसलिफ़्ट में ऊँचे वेरिएंट्स पर 6 एयरबैग्स, ESC और हिल-स्टार्ट असिस्ट स्टैंडर्ड दिए गए। इसके अलावा, कार की स्ट्रक्चरल मजबूती पर भी काम किया गया, ताकि यह भारत के नए क्रैश-टेस्ट मानकों के अनुरूप हो सके।
फ़ेसलिफ़्टेड तीसरी पीढ़ी की Grand i10 Nios मैकेनिकल रूप से पहले जैसी ही है। इसमें वही 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन मिलता है, जो 83 bhp और 113 Nm का टॉर्क देता है। ट्रांसमिशन के तौर पर 5-स्पीड मैनुअल या AMT का विकल्प दिया गया है।
इसके साथ ही, इस कॉम्पैक्ट हैचबैक में फ़ैक्ट्री-फ़िटेड CNG विकल्प भी उपलब्ध है, जो 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन के साथ आता है और 69 bhp व 95 Nm का टॉर्क पैदा करता है। CNG वेरिएंट में सिर्फ़ 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन दिया जाता है।
पहले उपलब्ध 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन (100 bhp, 172 Nm) को इस अपडेट के साथ बंद कर दिया गया। माइलेज की बात करें तो Hyundai के अनुसार पेट्रोल मैनुअल वेरिएंट 20.7 kmpl, पेट्रोल AMT 20.1 kmpl और CNG वेरिएंट 27.3 kmpl की दक्षता देता है। Grand i10 Nios चार वेरिएंट्स में उपलब्ध है—Era, Magna, Sportz और टॉप-स्पेक Asta।
पुरानी और नई Hyundai Grand i10 मॉडलों की तुलना
तीन पीढ़ियों में Hyundai Grand i10 ने काफ़ी बड़ा बदलाव देखा है। नीचे पहली पीढ़ी की i10, दूसरी पीढ़ी की Grand i10 और तीसरी पीढ़ी की Grand i10 Nios के बीच डिज़ाइन, फ़ीचर्स और स्पेसिफ़िकेशन के लिहाज़ से तुलना दी गई है। और अगर आप किसी भी जनरेशन की सेकंड हैंड Hyundai i10 खरीदना चाहते हैं तो अभी लिंक पर क्लिक करके कार्स24 पर उपलब्ध बेहतरीन आई10 पर नजर डालें।
| फ़ीचर | पहली पीढ़ी | दूसरी पीढ़ी | तीसरी पीढ़ी |
| डिज़ाइन | सरल, व्यावहारिक, tall-boy स्टाइल | प्रीमियम, Fluidic डिज़ाइन भाषा | भविष्यवादी, एंगल्ड और स्पोर्टी |
| आकार | कॉम्पैक्ट, शहर के लिए उपयुक्त | बड़ा, ज़्यादा केबिन और बूट स्पेस | बेहतर रोड प्रेज़ेंस |
| इंजन विकल्प | 1.1-लीटर iRDE पेट्रोल | 1.2-लीटर पेट्रोल, 1.1-लीटर डीज़ल | 1.2-लीटर पेट्रोल, 1.2-लीटर डीज़ल, 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल |
| ट्रांसमिशन | 5-स्पीड मैनुअल, 4-स्पीड ऑटोमैटिक | 5-स्पीड मैनुअल, 4-स्पीड ऑटोमैटिक | 5-स्पीड मैनुअल, AMT |
| इंटीरियर फ़ीचर्स | बेसिक, उपयोगी | प्रीमियम, रियर AC वेंट्स, कूल्ड ग्लव बॉक्स | एडवांस्ड, वायरलेस चार्जिंग, डिजिटल क्लस्टर |
| सुरक्षा | ड्यूल एयरबैग (वैकल्पिक) | ड्यूल एयरबैग, ABS | 6 एयरबैग तक, ESC, हिल-स्टार्ट असिस्ट |
| इंफोटेनमेंट | साधारण ऑडियो सिस्टम | Bluetooth के साथ इंटीग्रेटेड ऑडियो | 8-इंच टचस्क्रीन, वायरलेस Apple CarPlay/Android Auto |
निष्कर्ष
सालों के दौरान i10 और इसके अलग-अलग अवतार भारत के हैचबैक सेगमेंट में वैल्यू, भरोसे और नवाचार का पर्याय बन चुके हैं। 2007 की साधारण शुरुआत से लेकर 2023 की फ़ीचर-लोडेड Grand i10 Nios फ़ेसलिफ़्ट तक, इस कार ने हर दौर में भारतीय ग्राहकों की ज़रूरतों के हिसाब से खुद को ढाला है। स्टाइल, परफ़ॉर्मेंस और व्यावहारिकता का संतुलन बनाकर Hyundai Grand i10 आज भी भारत के ऑटोमोबाइल बाज़ार में लाखों लोगों की पहली पसंद बनी हुई है, और यह इसकी सबसे प्रिय हैचबैक में से एक होने की विरासत को मज़बूती से आगे बढ़ाती है। Hyundai i10 की तरह अगर आप उसकी सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी कार Maruti Suzuki Swift के स्वर्णिम सफर के बारे में पढ़ना चाहते हैं तो अभी लिंक पर क्लिक करें।
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