

Honda City का सफर : 25 सालों का शानदार इतिहास
- 1भारतीय कार बाजार में सबसे लंबे समय तक बनी रहने वाला मॉडल है Honda City
- 2Honda City ने 5 जनरेशन में सबसे अधिक बिक्री दर्ज कर भारत में इतिहास रचा
- 3दुनियाभर में अब तक 9 लाख से ज्यादा Honda City कारें बिक चुकी हैं
- पहली जनरेशन (1998-2002) – शुरुआत की मजबूत नींव
- दूसरी जनरेशन (2003-2008) – इनोवेशन की नई परिभाषा
- तीसरी जनरेशन (2008-2013) – पावर और स्टाइल का मेल
- चौथी जनरेशन (2014-2023) – डीज़ल पावर की एंट्री
- पांचवीं जनरेशन (2020–अब तक) – तकनीक का नया दौर
- Honda City के विकास की मुख्य झलकियाँ
- भारत में Honda City की विरासत
- वर्ष अनुसार मॉडल हाइलाइट्स
- निष्कर्ष
Honda City भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का एक जाना-पहचाना नाम और प्रतिष्ठित सेडान रही है। साल 2025 में यह कार भारतीय बाजार में अपने 27 साल पूरे कर चुकी है और हर जनरेशन के साथ यह पहले से ज़्यादा लोकप्रिय बनती गई है। पाँच पीढ़ियों में Honda City ने cutting-edge तकनीकें अपनाई हैं और अब इसकी नवीनतम जनरेशन एक बेहद फ्यूल-एफिशिएंट हाइब्रिड वर्जन में तब्दील हो चुकी है। भारत में Honda City को स्टाइल, प्रदर्शन और Honda की विश्वसनीयता के बेहतरीन मेल के रूप में जाना जाता है।
1998 में लॉन्च होने के बाद से Honda City ने कई बड़े बदलाव देखे हैं और यह भारतीय बाजार की सबसे पसंदीदा सेडान में से एक बन गई है। तीन दशकों की अपनी यात्रा में, Honda City ने भारत में सबसे लंबे समय तक चलने वाला मेनस्ट्रीम मॉडल और सबसे ज़्यादा बिकने वाली मिड-साइज़ सेडान होने का दर्जा हासिल किया है। ऐसे शानदार रिकॉर्ड्स के साथ, CARS24 इस आइकॉनिक कार की यात्रा पर एक नज़र डालता है – इसके शुरुआती दिनों से लेकर लेटेस्ट इनोवेशन और इसके मजबूत विरासत तक। अगर आपके पास भी Honda City से जुड़ी कोई कहानी है, तो हमारे ऑफिशियल CARS24 ऑटो कम्युनिटी AUTOVERSE से जुड़ें, जहाँ हम दिलचस्प ऑटो चर्चाएँ, अपडेट्स और बहुत कुछ शेयर करते हैं।
पहली जनरेशन (1998-2002) – शुरुआत की मजबूत नींव
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1998 में लॉन्च हुई पहली जनरेशन की Honda City ने भारतीय सेडान मार्केट को पूरी तरह बदल दिया। इसकी स्लीक डिज़ाइन, दमदार 106 bhp VTEC Hyper 16-valve इंजन और शानदार विश्वसनीयता ने इसे न केवल आम उपभोक्ताओं बल्कि मोटरस्पोर्ट के शौकीनों के बीच भी लोकप्रिय बना दिया। इसने भारत में Honda की पकड़ को मज़बूत करने की नींव रखी।
लॉन्च और डिज़ाइन
पहली जनरेशन की Honda City ने 1998 में भारत में डेब्यू किया और अपने समय से आगे के स्टाइलिश लुक के साथ भारतीय ग्राहकों के दिलों में अपनी जगह बना ली। यह उन लोगों के लिए एकदम उपयुक्त कार थी जो स्टाइलिश, पावरफुल लेकिन प्रैक्टिकल कार की तलाश में थे।
स्पेसिफिकेशंस
इस जनरेशन में 1.3-लीटर और 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन विकल्प दिए गए थे, जो पावर और माइलेज के बीच बेहतरीन संतुलन पेश करते थे। इसकी हल्की बॉडी और रेस्पॉन्सिव हैंडलिंग के कारण यह चलाने में बेहद मजेदार कार थी – और यही Honda की सफलता की पहली सीढ़ी बन गई।
दूसरी जनरेशन (2003-2008) – इनोवेशन की नई परिभाषा
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2003 में लॉन्च हुई दूसरी जनरेशन की Honda City ने एक्सटीरियर डिज़ाइन में बड़ा बदलाव लाया। 'डॉल्फिन' डिज़ाइन के नाम से मशहूर यह वर्जन इनोवेशन लेकर आया – खासकर इसके सेंटर टैंक लेआउट ने इंटीरियर स्पेस को अधिकतम किया। इस पीढ़ी में ईंधन की किफ़ायत के लिए i-DSI इंजन दिया गया और पहली बार CVT ऑटोमैटिक वेरिएंट भी पेश किया गया। इसने आराम और प्रैक्टिकलिटी के मामले में सेगमेंट में एक नई मिसाल कायम की।
फीचर्स
दूसरी जनरेशन ने एकदम नया डिज़ाइन दिया, जो कॉम्पैक्ट होने के बावजूद स्पेशियस था। इसमें प्रीमियमनेस, सुरक्षा और आराम पर खास ज़ोर दिया गया। Honda ने इस जनरेशन में ABS और बेहतर सस्पेंशन सिस्टम जोड़ा जिससे राइड ज़्यादा स्मूथ और सेफ हो गई।
फ्यूल एफिशिएंसी
इस जनरेशन की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी थी, जो भारतीय ग्राहकों के लिए एक अहम फैक्टर होता है। Honda के i-DSI इंजन ने प्रदर्शन से समझौता किए बिना बेहतर माइलेज सुनिश्चित किया।
तीसरी जनरेशन (2008-2013) – पावर और स्टाइल का मेल

2008 में लॉन्च की गई तीसरी जनरेशन की Honda City ने “Arrow-Shot” डिज़ाइन के साथ एक नया bold और आधुनिक लुक अपनाया, जो युवाओं को खासा पसंद आया। इसमें दिए गए 1.5L i-VTEC इंजन ने नई सुरक्षा सीमाओं को छुआ, क्योंकि सभी वेरिएंट्स में डुअल एयरबैग और ABS विद EBD जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड दिए गए थे। एक बार फिर, Honda City ने मिड-साइज़ सेडान सेगमेंट में खुद को लीडर के रूप में स्थापित किया।
डिज़ाइन
तीसरी जनरेशन में Honda City ने पहले की कॉम्पैक्ट डिज़ाइन से हटकर ज़्यादा प्रीमियम और एग्रेसिव “थ्री-बॉक्स” सेडान फॉर्म अपनाया। इसकी शार्प कर्व्स, बोल्ड ग्रिल और बेहतर एयरोडायनामिक्स ने इस कार को युवा खरीदारों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया।
टेक्नोलॉजिकल अपग्रेड्स
इस जनरेशन में कई नई तकनीकी सुविधाएं जोड़ी गईं — जैसे पैडल शिफ्टर्स, USB कनेक्टिविटी और बेहतर इंफोटेनमेंट सिस्टम। इसके साथ ही, सभी वेरिएंट्स में एयरबैग्स और ABS जैसे सेफ्टी फीचर्स को स्टैंडर्ड किया गया, जिससे Honda City एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प बन गई।
चौथी जनरेशन (2014-2023) – डीज़ल पावर की एंट्री
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2014 में लॉन्च हुई चौथी जनरेशन की Honda City भारतीय बाजार में एक ऐतिहासिक बदलाव लेकर आई — पहली बार इसमें 1.5L i-DTEC डीज़ल इंजन की पेशकश की गई। यह उस लंबे समय से चली आ रही मांग का जवाब था जो भारतीय खरीदार Honda से डीज़ल विकल्प के रूप में देख रहे थे। इस जनरेशन में इनोवेटिव फीचर्स, नई जनरेशन की CVT गियरबॉक्स, शानदार माइलेज, और स्पेशियस इंटीरियर ने Honda City को सेगमेंट में एक बार फिर टॉप पर पहुंचा दिया।
इस मॉडल की लोकप्रियता इतनी ज़्यादा थी कि Honda ने पाँचवीं जनरेशन के साथ भी इस चौथी जनरेशन को 2023 तक बेचते रहना जारी रखा।
डीज़ल इंजन की शुरुआत
भारतीय ग्राहकों के बीच डीज़ल कारों की बढ़ती मांग को देखते हुए Honda ने पहली बार City में डीज़ल इंजन पेश किया। यह 1.5-लीटर i-DTEC डीज़ल इंजन 99 bhp की पावर और 200 Nm का टॉर्क जनरेट करता था, और 25 kmpl से भी ज़्यादा का माइलेज देने का दावा करता था। यह एक बड़ी वजह बनी जिससे City लंबी दूरी की यात्राएं करने वालों और ज़्यादा माइलेज चाहने वाले ग्राहकों के बीच एक बेहतरीन विकल्प बन गई।
यदि आप इस्तेमाल की हुई Honda City डीज़ल खरीदने का सोच रहे हैं, तो उसके इंजन की स्थिति की जांच ज़रूर करवा लें, क्योंकि भले ही यह इंजन भरोसेमंद हो, लेकिन समय के साथ इसकी देखभाल ज़रूरी है।
फीचर्स
चौथी जनरेशन की Honda City ने फीचर्स के मामले में लक्ज़री को एक नए स्तर पर पहुंचाया। इसमें टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, कीलेस एंट्री, सनरूफ और रियर-व्यू कैमरा जैसे एडवांस फीचर्स शामिल थे। इसके कई वेरिएंट्स उपलब्ध थे, जो विभिन्न कीमतों में आराम और तकनीक का बेहतरीन संयोजन पेश करते थे, और इसी कारण यह हर बजट वाले खरीदार के लिए एक पसंदीदा सेडान बन गई।
पांचवीं जनरेशन (2020–अब तक) – तकनीक का नया दौर

2020 में लॉन्च हुई पांचवीं जनरेशन की Honda City ने तकनीकी रूप से एक नई क्रांति की शुरुआत की। यह भारत की पहली ऐसी कनेक्टेड कार बनी जिसमें Alexa Remote Capability जैसी सुविधा दी गई। हालांकि, इस जनरेशन की सबसे बड़ी खासियत हाइब्रिड वेरिएंट – Honda City e:HEV की पेशकश थी, जिसने हाई-टेक हाइब्रिड तकनीक, असाधारण माइलेज और ADAS सुरक्षा फीचर्स के शानदार संयोजन को पेश किया।
हाई-टेक कनेक्टेड कार अनुभव
Honda City की इस जनरेशन में Honda Connect प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए उन्नत टेलीमैटिक्स तकनीक दी गई, जिसमें 32 से भी अधिक कनेक्टेड फीचर्स शामिल हैं — जैसे रियल-टाइम कार ट्रैकिंग, जियो-फेंसिंग और रिमोट ऑपरेशंस। इससे यह कार तकनीकी रूप से इस सेगमेंट में सबसे आगे निकल गई।
हाइब्रिड पावर की शुरुआत
Honda City e:HEV भारत में मेनस्ट्रीम सेगमेंट में पहली स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड टेक्नोलॉजी वाली कार बनी। इसमें पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर का संयोजन दिया गया, जो परफॉर्मेंस, माइलेज और पर्यावरण सुरक्षा — तीनों में शानदार संतुलन प्रदान करता है।
इसके अलावा इसमें Honda Sensing नामक सुरक्षा प्रणाली दी गई जिसमें ADAS (Advanced Driver Assistance Systems) जैसे फीचर्स शामिल हैं — Collision Mitigation Braking, Adaptive Cruise Control, और Lane-Keeping Assist जैसी सुविधाएं अब इस कार को सेगमेंट की सबसे सुरक्षित सेडानों में से एक बनाती हैं।
Honda City के विकास की मुख्य झलकियाँ
Honda City का विकास पिछले 27 वर्षों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों से भरा रहा है:
- शुरुआती कॉम्पैक्ट से प्रीमियम डिज़ाइन की ओर सफर।
- फ्यूल-एफिशिएंसी को ध्यान में रखते हुए हाइब्रिड वेरिएंट की पेशकश।
- सेगमेंट में पहली बार हाई-एंड सेफ्टी टेक्नोलॉजी जैसे ADAS की शुरूआत।
- हमेशा एक आदर्श संतुलन बनाए रखना — परफॉर्मेंस, आराम, और माइलेज के बीच।
भारत में Honda City की विरासत
Honda City भारतीय ग्राहकों के लिए एक प्रतिष्ठित सेडान बनी रही है। Honda की भरोसेमंद इंजीनियरिंग, प्रीमियम अनुभव, और नई तकनीकों के साथ हर जनरेशन ने खुद को समय के अनुसार ढालते हुए सफलता हासिल की है।
इसकी लो मेंटेनेंस, हाई रेसल वैल्यू, और किफायती माइलेज की वजह से यह नई और सेकंड हैंड दोनों श्रेणियों में आज भी पसंद की जाने वाली कार है।
वर्ष अनुसार मॉडल हाइलाइट्स
मॉडल ईयर | मुख्य विशेषताएँ | इंजन विकल्प | फ्यूल माइलेज (लगभग) |
1996-2002 | स्टाइलिश डिज़ाइन, हल्का वज़न | 1.3L, 1.5L पेट्रोल | 14-16 kmpl |
2003-2008 | कॉम्पैक्ट डिज़ाइन, i-DSI इंजन | 1.5L पेट्रोल | 16-18 kmpl |
2008-2013 | बोल्ड स्टाइलिंग, पैडल शिफ्टर्स | 1.5L पेट्रोल | 15-17 kmpl |
2014-2020 | डीज़ल इंजन, टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट | 1.5L पेट्रोल, डीज़ल | 17-25 kmpl |
2024 | हाइब्रिड तकनीक, ADAS सुरक्षा | 1.5L पेट्रोल हाइब्रिड | 22-25 kmpl |
निष्कर्ष
Honda City ने भारतीय मिड-साइज़ सेडान सेगमेंट में निरंतर बेंचमार्क स्थापित किए हैं। इसकी बेहतरीन स्टाइल, आरामदायक इंटीरियर, टेक्नोलॉजी और भरोसेमंद परफॉर्मेंस ने इसे नए और पुराने दोनों कार खरीदारों के लिए एक आदर्श विकल्प बना दिया है। CARS24 प्लेटफ़ॉर्म पर आज भी सेकंड हैंड Honda City की भारी डिमांड है, जो इसकी समय के साथ चली आ रही लोकप्रियता को दर्शाता है।
होंडा सिटी के स्वर्णिम सफर की तरह अगर आप भारत की ही दूसरी आइकॉनिक कार वैगन-आर के इतिहास के बारे में पढ़ना चाहते हैं तो अभी हमारा आर्टिकल पढ़े Wagon R का 25 साल का सुनहरा सफर।