

कार के Windshield और Side Glass कैसे चेक करें? Inspection Steps और Glass ID गाइड
- 1विंडस्क्रीन इंस्पेक्शन के दौरान ग्लास कोड पढ़ें और सुरक्षा मानकों की पुष्टि करें
- 2मोनोग्राम से विंडस्क्रीन की चिप, सेंसर और सीलिंग की समस्याएँ तुरंत पकड़ें
- 3PDI जांच से OEM ग्लास, सही ADAS कैलिब्रेशन और साफ़ विज़िबिलिटी सुनिश्चित होती है
आपकी गाड़ी के ग्लास पार्ट्स (शीशे) की जांच सिर्फ साफ़ दिखाई देने तक सीमित नहीं होती। यह सीधे तौर पर सुरक्षा, सही कामकाज और गुणवत्ता से जुड़ी होती है। चाहे बात फ्रंट विंडशील्ड, रियर ग्लास या साइड विंडो की हो, यह जानना ज़रूरी है कि किन बातों पर ध्यान देना है और शीशे पर बने etched codes (ग्लास कोड) क्या दर्शाते हैं।
इस लेख में हम आपको स्टेप-बाय-स्टेप, आसान और व्यवस्थित तरीके से बताएँगे कि गाड़ी के शीशों की जांच कैसे करें। साथ ही यह भी समझेंगे कि CARS24 की Pre-Delivery Inspection (PDI) service कैसे यह सुनिश्चित करती है कि आपकी गाड़ी का हर शीशा पूरी तरह सही और सुरक्षित हो।
सबसे पहले विज़ुअल जांच करें (Visual Overview)
Front Windshield (फ्रंट विंडशील्ड):
- किसी भी तरह की chip (छोटा पत्थर लगने का निशान) या crack (दरार) की जांच करें
- काले बॉर्डर (frit band) की स्थिति देखें
- किनारों पर बने dot-matrix पैटर्न देखें, जो गर्मी को बराबर फैलाने और विज़न डिस्टॉर्शन कम करने में मदद करते हैं
Rear Window (रियर विंडो):
- defroster wires (पीछे की हीटर लाइन्स) सही सलामत हैं या नहीं, यह देखें
- किसी भी तरह की खरोंच, कट या परत उखड़ने के निशान चेक करें
- खराब defroster से धुंध या बर्फ हटाने में परेशानी हो सकती है
Side Windows (साइड विंडो):
- टेम्पर्ड ग्लास पूरी तरह सही है या नहीं देखें
- कोई दरार, chip या गैर-कानूनी modification तो नहीं
- ये शीशे इस तरह बनाए जाते हैं कि ज़रूरत पड़ने पर सुरक्षित तरीके से टूटें
“Bug” या Glass Identification Stamp को समझें
हर कार के शीशे के कोने में एक छोटा सा निशान होता है, जिसे “bug” या monogram कहा जाता है। यह बेहद ज़रूरी जानकारी देता है:
- DOT Number: बताता है कि ग्लास किस certified manufacturer का है
AS1 / AS2 / AS3:
- AS1 – सबसे ज़्यादा साफ़ और सुरक्षित (अक्सर फ्रंट विंडशील्ड)
- AS2 / AS3 – साइड और रियर विंडो के लिए
- Glass Type (Roman Numerals I–V):
- II – Laminated glass
- III – Multi-layer treated glass
- IV – Plastic
- आदि
- M-Number: निर्माता का internal कोड (ग्लास की मोटाई, रंग, बनावट)
- Date Code / Dots: शीशा कब बना, यह जानकारी (डॉट्स या नंबर के ज़रिए महीना और साल)
यह जानकारी यह तय करने में मदद करती है कि शीशा OEM है या aftermarket।
Seal, Adhesive और Frit की जांच (खासकर विंडशील्ड के लिए)
- Frit Band और Dot-Matrix:
- UV किरणों से seal को बचाता है
- adhesive को मज़बूती से पकड़ने में मदद करता है
- lensing distortion कम करता है
- Sealant Inspection:
- चारों तरफ़ लगी urethane सील एक-सी हो
- कहीं bubbles, gaps या कट न हों
- नमी अंदर जाने का कोई रास्ता न हो
Side और Rear Window की Safety Features जांचें
- Tempered Glass Edges:
- किनारों पर chip नहीं होनी चाहिए
- खराब टेम्पर्ड ग्लास अचानक टूट सकता है
- Defroster / Rain Sensor:
- रियर defroster को ऑन करके टेस्ट करें
- फ्रंट में rearview mirror के पास rain sensor की फिल्म या लेंस देखें (अगर मौजूद हो)
Documents से Cross-Verification करें
- गाड़ी के manufacturer specifications या documents देखें
- शीशे के “bug” की जानकारी से मिलान करें
- यह सुनिश्चित करें कि OEM glass लगा है, न कि बिना सर्टिफिकेशन वाला aftermarket ग्लास
CARS24 Pre-Delivery Inspection (PDI) Service
CARS24 की Pre-Delivery Inspection (PDI) इस पूरी प्रक्रिया को एक प्रोफेशनल लेवल पर ले जाती है। इसमें शामिल है:
- विज़ुअल जांच
- “bug” और ग्लास कोड की decoding
- seal और frit की बारीकी से जांच
- sensors और defrosters की टेस्टिंग
- सही रोशनी और calibrated tools से inspection
इसके अलावा, अगर विंडशील्ड बदली गई हो, तो ADAS features (जैसे auto wipers, collision sensors) की proper calibration भी सुनिश्चित की जाती है। इससे आपकी safety technology पूरी तरह सुरक्षित रहती है।
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